भारतीय रेलवे में सुविधाओं का आभाव व ग्राहकों की अंनदेखी व मनमानी
सुनहरा आंचल न्यूज/कैथल/विजय सिरोही: भारतीय रेलवे से सभी वाकिफ है जो अपनी लेट लतीफी के लिए जानी जाती है वही उसकी एक पहचान ये भी बन गयी है कि रेलवे से सम्बंधित उनके पास कोई सटीक जानकारी नही होती उनका सारा काम अंदाजे से ही चलता है वही एक और बात उनकी प्रसिधी मे चार चांद लगा देते है वो है उनका व्यवहार जिस के लिए वो हमेशा चर्चा में बने रहतें है कहने का भाव यह है टिक्ट काउंटर पर ग्राहको से खुले पैसे के अक्सर झगड़ा बना रहता है जिस में आर पी एफ के जवान भी अपनी पुरी तरह रेलवे विभाग का साथ देते हुये दिखाई देते है चाहे गलती रेलवे विभाग के कर्मचारी की हो पर धमकी ग्राहक को ही मिलती है ये आर पी एफ के जवानो की काबलियत है जिसे विभाग के प्रति वफादारी का गुण शामिल है कमाल की बात यह है कि जिन ग्राहकों की बदोलत रेलवे कर्मचारियों को व आर पी एफ के कर्मचारियों को तनख्वाह मिलती उनके ही साथ बदतमीजी करना उनका कानून अधिकार बन जाता है। स्टेशन पर मिलने वाले सामान की उसे ज्यादा कीमत वसूल करना भी शामिल है इसी कड़ी के बीच बात करे कैथल रेलवे स्टेशन की तो सुविधाओ के मामले में बिल्कुल शुन्य से भी नीचे प्लेटफोर्म पर कोई सुविधा नही रात को आने वाले यात्रियों के लिए कोई ठहरने की कोई व्यवस्था नही ऐसा नही के रेलवे के पास जगह की कोई कमी है पर विभाग चाहता ही नही के रेलवे के ग्राहको को कोई सुविधा प्रदान करे वो तो रेलवे के मालिक है कर्मचारी नही है और वो तो टिक्ट काटने के काम को आमजन पर अहसान समझते है और ग्राहको से बड़ी बदतमीजी से बात करने को अपना गर्व और हुनर समझते है इस और सरकार के किसी नुमायंदे का कोई ध्यान नही है बात करे हाल ही में शुरु हुई ट्रैन जिसे हाल ही में एक्सप्रैस बनाया गया है जिसमें किराया तो बढा कर दुगने से भी ज्यादा कर दिया है पर सुविधाओं के नाम पर विभाग आम आदमी को ठेंगा दिखातें नजर आ रहा है रात्रि ठहराव की सुविधा ही नही रात के समय कोई चाय व दूध की सुविधा भी प्लेटफोर्म पर उपलब्ध नही है