छत्तीसगढ़ में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा की जमानत नहीं दिए जाने और गैर कानूनी तरीके से जेल में रखने को लेकर विवाद
छत्तीसगढ़: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़या क्रान्ति सेना ने अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा की गिरफ्तारी को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि इन नेताओं को पिछले 11 वर्षों के जनआंदोलनों से जुड़े मामलों में राजनीतिक साजिश के तहत जेल में रखा जा रहा है ताकि जनआंदोलन की आवाज़ को दबाया जा सके। 10 जून 2024 की घटना के 19 महीने बाद गिरफ्तारी हुई जबकि सभी मामलों में पहले ही चालान पेश हो चुका था और ट्रायल चल रहा था।
पार्टी नेताओं ने पुलिस द्वारा एक ही घटना के चार अलग-अलग मामले दर्ज करने और बिना कोई फोटो या वीडियो सबूत प्रस्तुत किए आरोप लगाने को न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। उन्होंने कहा कि कुल 13 मामले दर्ज हुए जिसमें 198 लोग आरोपी थे, जिन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन इन तीनों नेताओं को जमानत नहीं मिली। न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला केवल तीन व्यक्तियों का नहीं, बल्कि न्याय और संवैधानिक अधिकारों का संघर्ष है। यह मानवाधिकारों पर गहरा संकट और शोषण का प्रत्यक्ष उदाहरण है जो कि जनहित के मुद्दे के लिए राज्य की प्रखर आवाज़ को दबाने की साजिश है। इन क्रांतिकारियों पर कोई भी संगीन धाराओं पर अपराध दर्ज नहीं है।