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पटना स्थित बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ़ लॉ भारत में लॉ कॉलेज की इंडिया टुडे की रैंकिंग में 64 वा स्थान प्राप्त किया। पटना से

पटना स्थित बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ़ लॉ भारत में लॉ कॉलेज की इंडिया टुडे की रैंकिंग में 64 वा स्थान प्राप्त किया।

पटना से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट जो कि खुद ही बिहार इंस्टीट्यूट आफ लॉ का छात्र है।



पटना स्थित बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ़ लॉ भारत में लॉ कॉलेज की इंडिया टुडे रैंकिंग में 64वा स्थान प्राप्त हुआ।


बिहार इंस्टीट्यूट आफ लॉ
(पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी)

तीन वर्षीय एलएलबी और पांच वर्षीय बीए एलएलबी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया
1984 से इस संस्थान को मान्यता

प्राप्त है।

इंडिया टुडे के सर्वे के अनुसार पूरे भारत के लॉ कोलेजेस की बात करें तो

बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ की 64 वीं रैंक है।

बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ (बीआईएल) की स्थापना "बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ" (बीआईएल) जनवरी 1984 में लॉ सोसाइटी

ऑफ बिहार द्वारा स्थापित किया गया है। "लॉ सोसाइटी ऑफ बिहार"

सरकार के तहत 1983-1984 के पंजीकरण संख्या 440 के साथ सोसायटी

पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत एक पंजीकृत सोसायटी है। बिहार

राज्य में कानून के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए इसे

पटना उच्च न्यायालय बार के वरिष्ठ और प्रसिद्ध सदस्यों द्वारा स्थापित

किया गया है|

जिसकी सेक्रेटरी के केशव श्रीवास्तव है और निर्देशक अरुण श्रीवास्तव
बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ की शुरुआत 1984 में मिलर स्कूल, पटना के

परिसर में हुई थी। कालांतर में संस्थान राजा बाजार, आशियाना मोड़, पटना

- 800 014 में अपने स्वयं के भवन में स्थानांतरित हो गया।

आज यह संस्थान पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध है, जिसके अधिकार

क्षेत्र में संस्थान एलएलबी की डिग्री प्रदान करता है।

शानदार इन्फ्रास्ट्रक्चर, कुशल व अनुभवी शिक्षक

यह संस्थान डेढ़ एकड़ क्षेत्र में निर्मित है। पटना के मेन सेंटर में राजा

बाजार पिलर नम्बर 36 के सामने मैनेजिंग कमेटी द्वारा इसका संचालन

होता है। इसके मैनेजमेंट कमेटी मे सचिव के पद पर केशव

श्रीवास्तव, वरीय अधिवक्ता पटना हाईकोर्ट अपनी सेवा दे रहे हैं।

विश्वविधालय के प्रतिनिधी,शिक्षक प्रतिनिधि, लोकल एमएलए, और लोकल

एडमिनिस्ट्रेटर की तरफ से एक प्रतिनिधि और प्रशासनिक कमेटी के

सदस्य के मार्गदर्शन में संस्थान प्रगति कर रहा है।

कॉलेज के निर्देशक के रूप मे अरुण श्रीवास्तव कार्यरत हैं एवं प्रिंसपल के

रूप में ड़ॉक्टर अम्रता कार्यरत हैं। कॉलेज मे इन्चार्ज के रूप में एवं रूटीन

इन्चार्ज के रूप मे श्रीमती फरहत जबी सेवारत हैं। विधि विशेषज्ञ के रूप

मे सुबोध कुमार सिन्हा और अधिवक्ता एवं वित्तीय सलाहकार के रूप मे

श्याम किशोर प्रसाद अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

संस्थान में तकरीबन 30 लॉ टीचर्स हैं, जिनमें से ज्यादातर नेट एवं

पीएचडी क्वालिफाइड हैं। इसके अलावा संविदा के आधार पर

तकरीबन 15 लॉ टीचर भी हैं। पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता भी

पार्ट टाइम टीचर के तौर पर अपनी सेवाएं देते हैं। समय समय पर गेस्ट

प्रोफेसरके रूप में भी कॉलेज के बाहर से भी विशेषज्ञ आते हैं, जिनमें

विश्वविधालय के प्रोफेसर, विषय से संबंधित विशेषज्ञ जजेज, एनजीओ के

प्रतिनिधि, पुलिस अफसर एवं मैनेजमेंट के लोग शामिल हैं।

लाइब्रेरी की सुविधा

कॉलेज की लाइब्रेरी मे लॉ के साथ साथ कई अन्य विषयों की किताबें भी

उपलब्ध हैं। लाइब्रेरी एक बहुत बड़े हॉल मे स्थापित है, जिसमे दो हिस्से हैं।

एक हिस्से में छात्र छात्राएं तथा दूसरे हिस्से में शिक्षक अध्ययन करते हैं।

ई लाइब्रेरी की भी व्यवस्था है, जिसमें करीब 25 कम्प्यूटर लगे हुए हैं तथा

इंटरनेट की व्यवस्था भी है। इसमें छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों के द्वारा

भारत के सभी लॉ जर्नल एवं कानूनी पुस्तक तथा सुप्रीम कोर्ट एवं भारत

के हाईकोर्ट की जानकारी एवं आदेश आदि को देखा जा सकता है। इसके

लिए एक इन्चार्ज की बहाली भी की गई है। लाइब्रेरी में करीब 12 हजार

लॉ जर्नल एवं टेक्स्ट बुक्स हैं।

लाईब्रेरी मे 2 क्वालिफाइड लाइब्रेरिरयन भी नियुक्त किए गए हैं, जो मास्टर

इन लाईब्रेरी की क्वालिफिकेशन रखते हैं।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मापदंडों के अनुसार हर एक साल ढाई से

तीन लाख रूपए की पुस्तक लाइब्रेरी में उपलब्ध कराई जाती है।



मूट कोर्ट की व्यवस्था

कॉलेज के एक बड़े हॉल मे मूट कोर्ट की व्यवस्था की गई है, जिसमें एक

न्यायालय जैसी व्यवस्था की गई है जो कि दिखने मे एकदम ओरिजनल

न्यायालय लगता है।

खास सुविधाएं

• गर्लस कॉमन रूम की अलग से व्यवस्था है, जिसमें छात्राओं के लिए सभी

आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसकी देखरेख एक महिला कर्मचारी द्वारा

की जाती है।

छात्रों के लिए भी अलग से एक कॉमन रूम की व्यवस्था है।

• ऑफिस स्टाफ में करीब 10 स्टाफ मेंबर हैं, जो कम्प्यूटर पर काम करते हैं।

• करीब 20 क्लासरूम हैं, एक क्लासरूम में 60 से 65 बच्चों के बैठने की

व्यवस्था है, तथा बड़ा ऑडिटोरियम भी है, जिसमें करीब 150-200 बच्चों के

बैठने की व्यवस्था है। कॉलेज में एक फ्री लीगल एड भी कार्यरत है।

• लड़कों एवं लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था है,

तथा ऑफिस के लिए एक अलग शौचालय है।

• कॉलेज में समय समय पर सेमिनार, क्विज कॉम्पटीशन, मूट कोर्ट

कॉम्पटीशन, डिस्कशन जैसे क्रियाकलाप होते रहते हैं।

• कॉलेज में समय समय पर खेलों का भी आयोजन किया जाता है।

• कॉलेज के प्रांगण मे केशव वाटिका नाम की एक बहुत अच्छी फुलवारी

भी मौजूद है।

• टू व्हीलर एवं फोर व्हीलर के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।

• कॉलेज भवन में लिफ्ट लगाने की प्रक्रिया चल रही है

• कैम्पस साफ एवं हवादार है

• कॉलेज के भवन में प्रिंसपल, डॉयरेक्टर, सेक्रेटरी, लीगल एडवाइजर, फाइनेंस

एडवाइजर के अलग - अलग चेंबर बने हुए हैं।

• एक मीटिंग हॉल की सुविधा भी है।

• एकाउंटेंसी एवं गोपनीय शाखा भी है।

• गेस्ट एवं अन्य स्टाफ टीचर्स के लिए अलग से किचन की व्यवस्था

है, जिसमें कुक चाय कॉफी व नाश्ता सर्व करते हैं।

कॉलेज प्रशासन छात्रों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

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