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सीतापुर में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ता देख ग्रामीणों में खौफ, पलायन की तैयारी

सीतापुर।. घाघरा का जलस्तर बढ़ता देख ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीण घरों को छोड़कर पलायन की तैयारी कर रहे हैं। रेउसा में हर साल बाढ़ से हजारों लोग बेघर होते हैं। प्रशासन लोगों को बचाव को लेकर  सतर्क कर रहा है।

दो दिन से हो रही बारिश से घाघरा व शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी में पानी बढ़ने के साथ ही तटवर्ती इलाके के रहवासियों के माथे पर शिकन नजर आने लगी हैं। कटान से बचाव के लिए बनाए गए स्टड पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। म्योड़ी छोलहा ग्राम पंचायत के निकट बनाए गए चार स्टड पहले ही नदी में समा चुके हैं। विभाग, इन स्थानों पर बांस के स्टड लगाने की तैयारी कर रहा है। वहीं घाघरा नदी इलाके के जटपुरवा ग्राम के निकट कटान कर रही है।

क्षेत्रीय निवासी हनीफ खां, मोसिम दस्तगीर, इलियास मोहम्मद आदि ने बताया कि, ‘गांव के जोधे, छोटे, अकबर अली, हैदर अली आदि की जमीन नदी में समा चुकी है।’ 

तहसीलदार बिसवां राजकुमार गुप्त ने बाढ़ प्रभावित गांवों काशीपुर, मल्लापुर, कम्हरिया, शेखूपुर, जटपुरवा, म्योड़ी छोलहा आदि गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि, ‘आगामी दो दिनों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। नदियों में पानी बढ़ सकता है। नदी के तटवर्ती गांव के ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है।’

नदी के हो रहे कटान के कारण जटपुरवा निवासी मुख्तार का घर खतरे की जद में आ गया है। कटान इसी तरह होता रहा तो, उनका घर किसी भी वक्त नदी में समा सकता है। मोबीन का घर भी नदी से कुछ ही दूरी पर है। 

ग्रामीणों का कहना है कि, ‘वक्त रहते जटपुरवा के निकट से स्टड बना दिया गया होता तो गांव सुरक्षित रहता है। गांव नगीनापुरवा, कोनीपुरवा के पास भी घाघरा नदी कृषि योग्य भूमि का कटान कर रही है।’

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