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मंत्री और अधिकारी करने से नही चुकते है। लेकिन हकीकत देखने पर यही हाल है कि कहावत चरितार्थ हो रही है कि "ढाख के तीन पात "

मंत्री और अधिकारी करने से नही चुकते है। लेकिन हकीकत देखने पर यही हाल है कि कहावत चरितार्थ हो रही है कि "ढाख के तीन पात "वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
जिले के तहसील अमेठी के बिकास खण्ड भेटुआ की ग्राम पंचायत भेटुआ के गांव पतयरिया मे राजकीय नलकूप सिंचाई एजी 159 मे वर्ष 1984 मे विश्व बैंक परियोजना से लगाई गई। लेकिन कुलाबा की पाईप लाईन नही बिछी। बिछी भी तो कुलाबे का का ढाचा नही बना। राजकीय नलकूप सिंचाई मे चार कुलाबे का निर्माण होना था लेकिन नही बना। पानी सप्लाई की टंकी बनी। लेकिन पाईप लाइन का ड्रेनेज नेटवर्क नही बना। ठेकेदार और अवर अभियन्ताओ की मिलीभगत से हजम हो गया। कुलाबा की रकम अभियन्ताओ ने एक धमके मे खारिज कर ली। अब बरहे से सिंचाई होती है। भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सचेन्द प्रताप सिंह उर्फ राजू सिंह निवासी ग्राम पंचायत भेटुआ के है। वर्तमान बीडीसी सदस्य भी जनता ने चुना है। सत्ता भी है। संगठन मे पद भी है। किसान भी है। लेकिन जनता की उम्मीद है। कि बेहतर प्रदर्शन करेगे। इस सम्बन्ध मे बात करने का प्रयास किए। लेकिन बात नही हो पाई।
इस सम्बन्ध मे अवर अभियन्ता(नलकूप)के मोबाइल नंबर 9454415399 पर बात करने का प्रयास किए फोन की घण्टी बजी। लेकिन फोन पर बात नही हुई। सहायक अभियन्ता (नलकूप)के मोबाइल नंबर 9454415406 पर फोन मिलाया। तो फोन उठने के बताया कि सीओजी नंबर बदल गया है। यह फोन अवर अभियन्ता स्टोर का है। उनका नम्बर दूसरा है। वही बता पायेंगे। अधिशाषी अभियन्ता (नलकूप)के मोबाइल नंबर 9454415410 पर फोन मिलाया। तो आऊट आफ नेटवर्क बताया।लेकिन बात नही हो सकी। प्रधान प्रवीण कुमार मौर्य का कहना है कि कई बार मरम्मत की बात की। लेकिन अभियन्ता सुनने को तैयार नही है।
गौरतलब है कि अभियन्ताओ के फोन नंबर पर जबाब सन्तोष जनक नही है। कुछ ने फोन उठाया नही। कुछ के फोन नेटवर्क मे नही है। राजकीय अधुनिक सिंचाई नलकूप योजना के जीर्णोद्धार मे शामिल करने से अभियन्ता क्यो परहेज कर रहे है। क्यो किसान की अनदेखी हो रही है। सरकार क्या कर रही है। शासन क्या कर रहा है। किसी के पास फुर्सत नही है।

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