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सुपौल :देशवासियों को नई उम्मीदें जगाती नई शिक्षा नीति: डॉ राणा

सुपौल :देशवासियों को नई उम्मीदें जगाती नई शिक्षा नीति: डॉ राणा ।

सुपौल : बबुजन विशेश्वर बालिंका उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय सुपौल के अध्यापक व समाजवादी चिंतक डॉ.रणधीर कुमार राणा ने नई शिक्षा नीति के बारे में साफ तौर पर कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति ऐतिहासिक है वह इस लिहाज से कि जितना राय मशवरा इसे लाने से पहले किया गया है वह पहले कभी नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से शिक्षा व्यवस्था कितनी बदलेगी यह तो आने वाला समय हीं बतायेगा।लेकिन तकरीबन पैंतीस साल बाद नई शिक्षा नीति आने से देशवासियों में नई उम्मीद की किरण जगी है। डॉ राणा ने कहा कि इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक अच्छी शुरुआत हैं।उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक अब बिल्कुल निचले स्तर पर छात्रों को बुनियादी शिक्षा दी जा सकेगी ताकि वह बेहतर भविष्य के लिए तैयार हो सकें। डॉ राणा ने यह भी साफ किया कि अब तक लोग वोकेशनल एजुकेशन पर ज्यादा तवज्जो नहीं देते थे जिसकी वजह से हम सिर्फ ग्रेजुएट पैदा कर रहे थे।लेकिन अब स्कूली शिक्षा में भी वोकेशनल एजुकेशन को शामिल करने से बेहतर छात्र निकल कर सामने आएंगे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सिर्फ स्कूली शिक्षा को नहीं बल्कि आने वाले समय में उच्च शिक्षा यानी हायर एजुकेशन पर भी अपना असर डालेगी।लाखों की तादाद में ग्राम पंचायतों, हजारों की तादाद में ब्लॉक स्तर और सैकड़ों की तादाद में जिला स्तर पर इस पूरे विषय पर चर्चा की गई और तब कहीं जाकर इसे अंतिम रूप दिया गया। अलग-अलग राज्य सरकारों से भी इस पर राय मांगी गई थी और उन्होंने भी अपने राज्य के अनुसार इस नीति में सुझाव दिए।इससे ज्यादा समावेशी राष्ट्रीय शिक्षा नीति हो ही नहीं सकती थी।

डॉ राणा ने कहा कि नए सुधारों में टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर दिया गया है। कंप्यूटर, लैपटॉप और फोन इत्यादि के जरिए विभिन्न ऐप का इस्तेमाल करके शिक्षण को रोचक बनाने की बात कही गई है।हर जिले में कला, करियर और खेल-संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए एक विशेष बोर्डिंग स्कूल के रूप में ‘बाल भवन’ स्थापित करने की भी बात सामने आई है।एससी, एसटी, ओबीसी और एसईडीजीएस स्टूडेंट्स के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल को बढ़ाने की बात कही गई है। एनईपी 2020 के तहत स्कूल से दूर रह रहे लगभग 2 करोड़ बच्चों को मुख्य धारा में वापस लाया जाएगा जो अच्छा संकेत है।

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