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बेटी ने की पिता की हत्या, बोली- वो शैतान था:नाबालिग भाई के साथ मिलकर गला घोंटा; पत्नी को करता था टॉर्चर

अलवर

अलवर शहर से 35 किलोमीटर दूर 12 दिसंबर को 6 दिन पुरानी लाश मिलती है। पुलिस जांच करती है तो शक घर के लोगों पर जाता है। पूछताछ के लिए पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटे को बुलाया जाता है।
जब पूछताछ शुरू होती है तो टॉर्चर की वह कहानी सामने आती है, जिसकी वजह से 19 साल की बेटी ने 16 साल के नाबालिग भाई के साथ मिलकर गला दबाकर पिता की हत्या कर दी। बताया- सात साल से इतना टॉर्चर किया कि पूरे परिवार ने पिता को मौत के घाट उतारने का प्लान बनाया था।
वह पत्नी की जब पिटाई शुरू करता था तो यह तक नहीं देखता था कि वह शरीर के किस हिस्से पर वार कर रहा है। बस, पिटाई करता रहता था। वह इस कदर हैवानियत की हदें पार कर चुका था कि अपनी बेटियों पर बुरी नजर डालने लगा था। इसी के चलते पत्नी ने तीन बेटियों को अपने से दूर कर दिया। घटना जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

मृतक की पत्नी, बेटी और भतीजे को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। बेटी ने जब पुलिस को बयान दिए तो वे भी हैरान हो गए कि एक बाप कैसे हैवानियत की हदें पार कर सकता है।

जानें- क्या है पूरा मामला

घटना 6 दिसंबर की है। पिता (40) को उसकी पत्नी (38), बेटी (19), बेटा (16) और भतीजा (28) साथ मिलकर मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के गुगड़ोद गांव से सटे जंगल की पहाड़ी पर ले गए। यहां बेटी और नाबालिग बेटे ने अपनी मां के सामने पिता का गला दबाया। इसके बाद तलहटी में शव को फेंका और ऊपर से पत्थर डाल दिए।
9 दिसंबर को मृतक की पत्नी राजगढ़ पुलिस के पास पहुंची और पति के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। 12 दिसंबर को पुलिस को गुगड़ोद में शव पड़े होने की सूचना मिली। इसके बाद 13 दिसंबर को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

बेटी बोली- वह शैतान था

मालाखेड़ा थाना SHO मुकेश कुमार ने ​बताया- आरोपियों को इस गुनाह का कोई अफसोस नहीं है। जब बेटी से पूछताछ की तो वह पहले ही बोल गई कि उसे पिता को मारने का दुख नहीं है। क्योंकि, उसने मां को इतना टॉर्चर किया कि वह बता नहीं सकती। बेटी ने पुलिस को बताया- उसके पिता मजदूरी करते थे। सात साल पहले तक सब कुछ सही चल रहा था। इसके बाद वह हैवानियत की सारी हदें पार करने लगा। मां की हर बात पर पिटाई होती थी।
बेटी ने आगे बताया- पिता मां को इतना टॉर्चर करता था कि हम लोग देख नहीं पाते थे। पिता केवल उसकी मां को दर्द देता था। इसके लिए कई बार उनके प्राइवेट पार्ट पर भी वार किए। इस दौरान हालत यह हो जाती थी कि मां दर्द से कराहती रहती थी और पिता को फर्क तक नहीं पड़ता था।

तीनों बेटियों पर बुरी नजर रखने लगा तो उन्हें दूर किया

आरोपी बेटी ने बताया कि उसकी दो और बहनें हैं। पिता शराब के नशे में कई बार हम तीनों बहनों पर भी बुरी नजर रखने लगा था। मां टोकती तो पिटाई शुरू कर देता था। इसी वजह से मां ने हम तीनों को अपने से दूर कर दिया। बेटी ने बताया- तीन साल पहले मुझे अलवर भेज दिया। एक बहन को पढ़ने के लिए मालाखेड़ा भेजा और एक को मामा के यहां भेज दिया। नाबालिग भाई मां-बाप के पास ही रह रहा था। वह कॉलेज में पढ़ता है।
बेटी ने बताया कि पिता ने हमारे दादा को भी नहीं छोड़ा था। चार साल पहले हमारे सामने दादा के हाथ-पांव तोड़ दिए थे। उनके इलाज के लिए एक बीघा जमीन को गिरवी रखना पड़ा। बेटी ने बताया- वह कुछ दिनों पहले ही घर आई थी। मां की हालत देखी तो उससे रहा नहीं गया। मां ने बताया कि पिता ने एक बार फिर प्राइवेट पार्ट पर इतना बुरी तरह से वार किया कि खून निकलने लगा। इधर, बेटी का चचेरा भाई परिवार की स्थिति के बारे में जानता था। ऐसे में बेटी ने नाबालिग भाई, मां और चचेरे भाई के साथ मिलकर अपने पिता को मारने का प्लान बनाया।

जंगल में ले गए और दबा दिया गला

पुलिस ने बताया कि पिटाई की वजह से 6 दिसंबर को पत्नी के प्राइवेट पार्ट में खून आने लगा था। इस पर बेटी ने पिता को अलवर के जिला हॉस्पिटल ले जाने को कहा। पत्नी अपने पति के साथ बस से अलवर आ गई। सभी ने मिलकर पहले से पिता को मारने का प्लान बना रखा था।
बेटी और भतीजा दोपहर करीब 12 बजे बाइक से अलवर पहुंचे। इधर, पिता घटना से पहले नजर का चश्मा बनाने का बहाना बनाकर शराब पीकर दोबारा हॉस्पिटल आया। डॉक्टर को दिखाने के बाद पति-पत्नी बस में सवार हुए और लक्ष्मणगढ़ रोड पर उतर गए। यहां से चारों एक ही बाइक पर बैठ गुगड़ोद के जंगल पहुंच गए। नाबालिग बेटा पहले ही बाइक से घटना स्थल पर पहुंच गया ​था। चचेरा भाई तीनों को उतार दूर खड़ा हो गया। इसके बाद नाबालिग बेटे और बेटी ने मिलकर पिता का गला दबाया। तलहटी में शव को फेंका और ऊपर से पत्थर डाल दिए। इसके बाद चारों उसी शाम बाइक से घर आ गए।

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