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19 जनवरी: ओशो की 34वीं पुण्यतिथि



आगामी 19 जनवरी को सुप्रसिद्ध सम्बुद्ध रहस्यदर्शी ओशो की 34वीं पुण्यतिथि है। वे 19 जनवरी, 1990 के दिन अपने आश्रम, पुणे में देहमुक्त हुए। इस अवसर पर विश्वभर में खुले सैकड़ों ध्यान केंद्रों पर उत्सवों का आयोजन होता है। ऐसा ही एक महोत्सव वर्ष 2000 तक पुणे स्थित ओशो आश्रम में भी आयोजित किया जाता था, जिसमें देश विदेश के जाने माने कलाकार अपनी हाज़िरी दिया करते थे और हज़ारों की संख्या में ओशो प्रेमी वहां एकत्रित होते थे, इनके अतिरिक्त कभी कभी एक उत्सवपूर्ण रंगीन कार्निवल भी निकला करता था।

लेकिन वर्ष 2000 के बाद, यह सब बंद कर दिया गया। कारण ? उन दिनों जूरिख स्विट्ज़रलैंड में कुछ पाश्चात्य लोगों ने ओशो नाम पर अपना कॉपीराइट और ट्रेडमार्क जड़ दिया और ओशो शब्द पर अपना शिकंजा लगा दिया। ये ट्रेडमार्क और कॉपीराइट के स्वघोषित एकाधिकारी जन--केवल पांच लोग --पुणे के आश्रम को रिसोर्ट बना कर सब प्रकार का व्यवसाय तो करते रहे हैं, साथ ही ओशो के भारतीय शिष्यों और ट्रस्टियों को अपने अधीन करके सब प्रकार की हुकूमत करते हैं --यहाँ तक कि ओशो आश्रम में 11 दिसंबर को ओशो का जन्म दिन उत्सव, और 21 मार्च को ओशो का सम्बोधि दिवस, और जुलाई में होने वाला गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाने नहीं दिया जाता है.

यह कैसी विचित्र विडंबना है कि भारत अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है --और पाश्चात्य एकाधिकारियों की गुलामी में ओशो के भक्त न्यायालय का द्वार खटखटा रहे हैं --कि उन्हें पुणे के अपने आश्रम में ओशो के जीवन से जुड़े उत्सव मनाने दिए जाएँ। वे संघर्ष कर रहे हैं और आशान्वित हैं के उन्हें न्यायपालिका के माध्यम से उनका हक़ अवश्य मिलेगा --और वे एक बार पूरी स्वतंत्रता के साथ पुणे में ओशो महोत्सव मना सकेंगे। इस कार्य के लिए वे मीडिया के माध्यम से जान जागरण करने में संलग्न हैं।
स्वामी चैतन्य कीर्ति
सम्पादक: ओशो वर्ल्ड पत्रिका, नई दिल्ली ।

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