22 जनवरी 2024, कलयुग का अंतिम दिन
एक कविता - शीर्षक - क्या युग बदलेगा क्या बदलेगा... क्या सत्य जीतेगा.. शायद 22 जनवरी से युग बदलेगा क्या बदलेगा... क्या गरीब, हाँ गरीब, पेट भर लेगा, शायद 22 जनवरी से युग बदलेगा क्या बदलेगा... क्या गरीब का बच्चा भी आगे बढ़ेगा, शायद 22 जनवरी से युग बदलेगा क्या बदलेगा... क्या देश की बेटियों की इज़्ज़त बचेगी शायद 22 जनवरी से युग बदलेगा क्या बदलेगा... क्या नेता जनता को धर्म जाति में नहीं बटेगा, शायद 22 जनवरी से युग बदलेगा सुना है, ये कलयुग है, क्या अब ना रहेगा, शायद 22 जनवरी से युग बदलेगा
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