हितग्राही तहसील के चक्कर पर चक्कर काट रहे लेकिन नहीं हो रहे किसी के काम
चढ़ावा चढ़ाये बगैर नहीं होते किसी के काम
मामला :- सौसर तहसील का
हितग्राही तहसील के चक्कर पर चक्कर काट रहे लेकिन नहीं हो रहे किसी के काम
चढ़ावा चढ़ाये बगैर नहीं होते किसी के काम
मामला: सौसर तहसील मुख्यालय का
सौसर :- केंद्र सरकार तथा प्रदेश सरकार एक ओर जहाँ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक तमाम योजनाओ का लाभ पहुंचाने की बात करती है तो वही उनके जिम्मेदार अधिकारी तथा कर्मचारी इसको जमीन पर उतराने मे रोड़ा बनते है.
ऐसा ही कुछ प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा क्षेत्र सौसर के तहसील मुख्यालय के सभी विभागो की है. यहाँ पर आये दिन गरीब, वंचित, मज़बूर लोग तहसील के चक्कर पर चक्कर काटते हुवें नजर आ रहे है किन्तु उनका काम होने का नामो निशान नहीं है.
एक ओर केंद्र सरकार ततथा प्रदेश सरकार विकसित भारत यात्रा के गांव गांव मे शिविर लगाकर योजनाओं का लाभ हितग्राहियो को देने की बात करते है लेकिन अभी तक ऐसे कोई हितग्राहि नहीं है की इनको लाभ मिल पा रहा है. शिविर मे आवेदन देने के उपरांत भी कई दिनों से तहसील के चक्कर पर चक्कर काटते नजर आ रहे किन्तु उनका काम नहीं हो रहा है.
*माफियाओ के हो जाते है चंद मिनटों मे काम*
सौसर का तहसील कार्यालय वही कार्यालय है जहाँ गरीबो को चक्कर पर चक्कर काटना पड़ता है तो वही दुसरी ओर माफियाओ के चंद मिनटों मे काम होते हुंये नजर आते है.
भूमाफियाओ, रेतमाफियों, शराब माफियाओ, सागोन तस्कर तथा अन्य माफियाओ के काम चंद मिनटों मे हो जाते है चुंकि इनसे विभागों मे पदस्त कर्मचारीयों को चढ़ावा मिलता है.
भूमाफियाओ बगैर रजिस्ट्री कर कॉलोनी काट किसी तीसरे को प्लाट बेचने पर भी उनकी रजिस्ट्री आसानी से हो जाती है.
सागोन तस्करी करने वालों को पेड कटाई करने के लिए अनुमति का आदेश तुरंत हो जाता है ये भी देखने को मिलता है.
*क्या गरीब परिवार मे जन्म लेना गलती है?*
यदि कोई व्यक्ति गरीब परिवार मे जन्म लेता है तो उसकी क्या गलती है. कोई गरीब व्यक्ति अपना गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनवाने तहसील जाता है तो उसके साथ तहसील के कर्मचारीयों द्वारा ऐसा व्यवहार किया जाता है की उसने कोई बहुत बड़ी गलती कर दी हो वही दूसरी ओर कोई माफिया आता है तो उसको तहसील के कर्मचारी बड़ा मान सम्मान करते है.
*कर्मचारी जनता के नौकर है तानाशाह नहीं*
आये दिन कर्मचारी गरीब हितग्राहीयों से तानाशाही वाले रवैये को लेकर चर्चाओ मे रहते है वो ये नहीं समझते है की जनता के नौकर है तानाशाह नहीं.
ग्राम पंचायत के पंच आकाश खंडाईत का कहना है की तहसील कार्यालय के कर्मचारी तथा ग्राम रामाकोना के राजस्व विभाग के कर्मचारीयों का गरीब हितग्राहियो के प्रति व्यवहार बहुत ख़राब है चुंकि ऐसे कई हितग्राही है जिनके काम कई महीनों से पेंडिंग है काम होने का नाम नहीं ले रहे है.
इनका कहना
ग्राम के अतिक्रमण को लेकर तहसील मे लेटर कई महीनो से लिखा है तहसील मे पता करने पर पटवारी को कार्यवाही के लिए बोला लेकिन पटवारी कार्यवाही का नाम नहीं ले रहे.
गुलाबराव पांडे जनपद सदस्य रामाकोना
ये कौनसी विकसीत भारत यात्रा सम्पन्न हुईं लोगो के काम नहीं हो रहे है तहसील के चक्कर पर चक्कर काट रहे है. विधानसभा मे प्रश्न करने के बावजूद कोई अधिकारी हरकत मे नहीं आये.
विजय चौरे विधायक सौसर