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मप्र पुलिस की गोली से दिवंगत हुए झाम सिंह के परिजनों से मिले परिवहन मंत्री, दी सांत्वना

कवर्धा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के वन, परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान  मध्यप्रदेश पुलिस की गोली से दिवंगत हुए कबीरधाम जिले के बोडला विकासखण्ड के ग्राम बालसमुंद निवासी दिवंगत झामसिंह धुर्वे के परिजनों से भेंट-मुलाकात की। 

उन्होंने उनके घर पहुंच कर उनके परिजनों से चर्चा करते हुए सांत्वना प्रगट की। अकबर ने     दि​वंगत झामसिंह की पत्नी लग्नी बाई को एक लाख रुपये का आर्थिक मदद करते हुए चेक प्रदान किया। उन्होने छत्तीसगढ़ सार्वभौम (पीडीएस) योजना के तहत राशन कार्ड भी प्रदान किया। मंत्री श्री अकबर ने उनके परिजनों के साथ जमीन पर बैठक कर लंबी चर्चा कर आवश्यक जानकारी भी ली। उन्होने दिवंगत झामसिंह के बेटी हिना, पुत्र नरेन्द्र सिंह, खिलेन्द्र धु्र्वे का हालचाल भी जाना। इस अवसर पर कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक केएल धु्रव, बोडला एसडीएम  विनय सोनी,  नीलकंठ चन्द्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता मरकाम,  प्रभाती मरकाम,   कन्हैया अग्रवाल, तान सिंह चौधरी, लखन सिंह एवं स्थानीय अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित थे।

ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश की पुलिस द्वारा अकारण गोली चलाने से जिले के बालसमुंद निवासी झामसिंह की मौत हो गई थी। मौके पर उनके साथ रहे उनके सगे भाई नेम सिंह किन्ही परिस्थितियों में सकुशल बच गया। इस घटना के बाद जिले के आदिवासी समाज ने प्रदेश के वनमंत्री श्री अकबर से भेंट कर इस पूरे घटना की न्यायिक जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने की मांग की गई। मंत्री ने पूरे घटनाक्रम को संज्ञान में लिया। उन्होंने इस पूरे मामले में प्रदेश की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके से दूरभाष पर चर्चा की। 

उन्होंने राज्यपाल सुश्री उइके को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला निवासी दो आदिवासी भाइयों पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अकारण गोली चलाने से एक आदिवासी की हुई मौत के मामले की जानकारी देकर उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। चर्चा के दौरान वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि, 'इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को दो अलग-अलग पत्र लिखे हैं।' इसके बावजूद मध्यप्रदेश सरकार ने कोई विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की है।'

दूरभाष पर उन्हें वन मंत्री  मोहम्मद अकबर ने बताया कि कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम बालसमुंद निवासी झामसिंह ध्रुर्वे व उसका चचेरा भाई नेमसिंह धु्र्वे विगत 06 सितम्बर को मछली पकड़ने गए थे। वापस लौटते समय मध्यप्रदेश पुलिस के सिपाहियों ने उन्हें रोका। जब डर की वजह से वे दोनों आदिवासी भाई भागने लगे तो छत्तीसगढ़ की सीमा में घुसकर गोली मारकर झाम सिंह धुर्वे की हत्या कर दी गई तथा नेम सिंह धुर्वे की हत्या का प्रयास किया गया। झाम सिंह धु्र्वे की मृत्यु छत्तीसगढ़ राज्य के सीमा के अंदर हुई थी। उनके मृत शरीर को मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा घटनास्थल से हटाकर मध्यप्रदेश ले जाया गया। घटनास्थल पर लगे खून के दाग को मिटाने का भी प्रयास किया गया। विगत 07 सितम्बर को जिला बालाघाट के गढ़ी नामक स्थान में पोस्टमार्टम कराने के पश्चात् मृतक के परिजनों को मृत शरीर सौपा गया।

        राज्यपाल सुश्री उइके को कलेक्टर, कबीरधाम के तथ्यात्मक प्रतिवेदन की भी जानकारी दी गई है। उक्त प्रतिवेदन में बताया गया है कि घटना को मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा पुलिस-नक्सली मुठभेड़ बताने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि इन दोनों व्यक्तियों का किसी भी प्रकार की नक्सली गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था। निर्दोष आदिवासियों पर गोली चलाने से हुई मौत के मामले को राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने वन मंत्री  मोहम्मद अकबर को आश्वासन दिया है कि इस मामले में मध्यप्रदेश की राज्यपाल से चर्चा करेंगी। राज्यपाल सुश्री उइके को वनमंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा इस मामले में हस्तक्षेप करने के अनुरोध का पत्र भी उनके कार्यालय प्रेषित किया गया है। पत्र के साथ कलेक्टर कबीरधाम के तथ्यात्मक प्रतिवेदन की प्रतिलिपि भी संलग्न की गई है।

 इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को लिखे गये पत्र में छत्तीसगढ़ के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया है कि, 'उनके विधानसभा क्षेत्र कवर्धा के ग्राम बालसमुंद निवासी  नेमसिंह ध्रुर्वे ने विगत 8 सितम्बर को छत्तीसगढ़ के जिला कबीरधाम के थाना झलमला प्रभारी को अभ्यावेदन दिया है। इस अभ्यावेदन के आधार पर प्रारंभिक तौर पर तथ्यों की पड़ताल में यह संज्ञान में आया है कि मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा में विगत 6 सितम्बर को दो निर्दोष आदिवासियों  झामसिंह ध्रुर्वे तथा नेमसिंह ध्रुर्वे पर अकारण ही गोली चलाई गई। गोली चलाने से  झामसिंह ध्रुर्वे की मौत हो गई तथा नेमसिंह धुर्वे पर गोली का निशाना चूक गया।'

 छत्तीगसढ़ के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को बताया है कि उक्त घटना के कारण क्षेत्र के आदिवासी समाज में अत्यधिक आक्रोश है। उन्होंने इस घटना को उच्च स्तरीय जांच कराने तथा छत्तीसगढ़ सरकार को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने आदेशित करने कहा है।

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