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*8 माह से पीएनएसटी 2022 रिजल्ट का इंतजार कर रही नर्सिंग छात्रा, अब हर जिले में स्पीड पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा निवेदन पत्र*

Rewa.... नर्सिंग एग्जाम पीएनएसटी 2022 के एग्जाम का रिजल्ट 8 महीने से कोर्ट में रुका है, इधर कर्मचारी चयन मंडल ने 2023 का एग्जाम नोटिफिकेशन निकाल दिया। इसी विरोध में रीवा, मैहर, सिवनी, मंडला, शाजापुर समस्त जिलों से स्टूडेंट्स ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा निवेदन पत्र। आने वाले कुछ दिन में सभी जिले के छात्रों के द्वारा भेजा जाएगा पत्र। कोर्ट के आदेश और सीबीआई जांच के बीच मध्यप्रदेश के 1850 नर्सिंग स्टूडेंट्स का भविष्य अंधेरे में है। पिछले साल सत्र 2022 के लिए मध्य प्रदेश में 7, 8, 9 जुलाई 2023 को नर्सिंग प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके रिजल्ट पर हाई कोर्ट ग्वालियर के द्वारा रोक लगा दी गई थी। जिसकी वर्तमान में सुनवाइयां जबलपुर हाई कोर्ट में चल रही है। लेकिन अभी तक रिजल्ट घोषित नही किया जा सका है, यह प्रक्रिया को लगभग 10 महीने हो चुके है, इस परीक्षा में लगभग 60000 स्टूडेंट्स शामिल थी। इसी बीच मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल मध्यप्रदेश की वेबसाइट पर सत्र 2023 के एग्जाम का नोटिस जुलाई में परीक्षा आयोजित करने के लिए आ चुका है। ऐसे में समस्त स्टूडेंट्स जिन्होंने पिछली बार परीक्षा में भाग लिया था उन्हें अब एक डर है क्या यह रिजल्ट रद्द हो जायेगा, लगभग 1850 सीटों के साथ यह पिछला नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसके कारण मध्य प्रदेश में 1850 सीटों पर चयन की उम्मीद लगाए स्टूडेंट्स अब काफी डिप्रेशन में है। और उन्हें कोई भी उचित हल या समाधान दिखाई नहीं दे रहा है, क्योंकि इनसे संबंधित विभाग पिछले दो बार के एग्जाम से ही स्टूडेंट्स को न ही आगामी एग्जाम के बारे में कोई जानकारी ठीक से देते है न ही काउंसलिंग की जानकारी न इनके हेल्पलाइन नंबर पर स्टूडेंट्स को कोई उचित और सकारात्मक जवाब मिल पर रहा है। स्टूडेंट्स को ऐसा प्रतीत हो चुका है की उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसी तारतम्य में समस्त जिलों से स्टूडेंट्स इस समस्या के समाधान के लिए उम्मीद मानकर इस विषय की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। चुनाव आचार संहिता और व्यस्तता को देखते हुए सभी जिलों के छात्रों ने पत्र व्यवहार का मार्ग चुना है। इसके बाद भी अगर कोई कार्यवाही न होगी सभी स्टूडेंट भोपाल जाने की बात कही है।

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