logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

क्या अब सच्चे पत्रकार नहीं रहे ? जब तक जुर्म की आंधी आऐगी ऐक सच्चे पत्रकार के कलम से उस आंधी को मिटाने ऐक तुफान जरूर आएगा। उस दोगले धोखेबाज़ मक्कार भष्टाचारी को ऐक पत्रकार ही अपनी कलम से नंगा कर सकते हैं।

इस देशका चोथा स्थल है पत्रकारिता, पर कुछ चुनिंदा पत्रकार चापलूसी के चक्कर में उस पवित्र कार्य को बदनाम कर रहे हैं, पर हम ऐ होने नहीं देंगे। उन चाटुकारो को उनकी औकात पे लाने की जिम्मेदारी ऐक सच्चे पत्रकार की होती है। और उस कार्य को हम बखूबी निभाऐगे,

111
3529 views

Comment