प्रधान मंत्री क्या सिर्फ एक धर्म की ही बात कर रहे है प्रधान मंत्री देश के लिए लोगो के लिए बराबर होना चाहिए
आजकल प्रधान मंत्री जो एक धर्म विशेष को अपने भाषण मैं टारगेट कर रहे है क्या ये एक संवैधानिक पद पर बैठे प्रधान मंत्री को शोभा देता है / मोदी सरकार हो या फिर राहुल गांधी अपने भाषण मैं लोगो को जोड़ने वाली बात हो एजुकेशन जॉब पर बात होनी चाहिए देश के विकास के लिए बात होनी चाहिए लेकिन देश में चुनाव के भाषण ज्यादातर धर्म और मजहब पर हो रहे हैं और यह भाषण देने वाले लोग कोई आमदार नहीं बल्कि देश के बड़े-बड़े नेता है प्रधानमंत्री है जो एक संवैधानिक पद पर बैठे हैं अपने संवैधानिक पद की गरिमा रखते हुए इन नेताओं ने कोई ऐसे भाषण नहीं देने चाहिए जो किसी धर्म विशेष को ठेस पहुंचाएं राजनीति में लड़ाई होनी चाहिए लेकिन एजुकेशन के लिए देश को आगे बढ़ाने के लिए आपस में किसी मजहब के लड़ाई वाले भाषण शोभा नहीं देते