logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

## राजनीति का नया नाटक: विरोधी बने साथी

### राजनीति का नया नाटक: विरोधी बने साथी

दिल्ली: आज के राजनीतिक मंच पर जो दृश्य देखने को मिला, वह किसी नाटक से कम नहीं था। एक समय नीतीश कुमार को आतंकी इशरत जहां का अब्बू बताने वाले अमित शाह और मोदी, तथा मोदी-शाह को गोधरा कांड का हत्यारा बताने वाले नीतीश कुमार, एक ही मंच पर एक दूसरे की तारीफ करते नजर आए।

देश की आधी से अधिक जनता इस नई गठबंधन को देखकर खुश है, उन्हें लगता है कि ये नेता जनता के कल्याण के लिए एकजुट हुए हैं। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। ये नेता वास्तव में जनकल्याण के लिए नहीं, बल्कि अपने खत्म होते राजनैतिक अस्तित्व को बचाने और देश की जनता का लूटा हुआ माल सुरक्षित करने के लिए एक मंच पर एकत्र हुए हैं।

आज की यह राजनीतिक तस्वीर प्रकाश झा की फिल्म 'अपहरण' की याद दिलाती है, जिसमें गृह मंत्री दिनकर पांडे और विधायक तबरेज आलम, जो एक समय एक-दूसरे के धुर विरोधी थे, सत्ता में बने रहने के लिए एकजुट हो जाते हैं। दिनकर पांडे अपनी सरकार और खुद को बचाने के लिए गृह मंत्री का महत्वपूर्ण पद तबरेज आलम को सौंप देते हैं, जो जीवन भर अपहरण के धंधे में शामिल रहे। इसी तरह आज हमारे नेता भी अपने राजनैतिक फायदे के लिए एक-दूसरे के साथ हाथ मिलाने को तैयार हैं।

अब देखना यह है कि यह बेमेल गठबंधन कितने दिन चलता है और इस बारात के बाराती इस बारात में दूल्हे के साथ कितनी दूर तक चलते हैं।

देवेंद्र वैद्य

195
15903 views

Comment