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राजस्थान एनएचएम फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

कोटा (राजस्थान)। राजस्थान एनएचएम फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम राज्य के बेरोजगार एवं संविदा फार्मासिस्टों की दो सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। एसोसिएशन ने फार्मासिस्ट भर्ती-नियमों में संशोधन कर नर्सिंग, पेरामेडिकल की भांति डिग्री-डिप्लोमा के प्राप्तांक प्रतिशत व बोनस अंक के आधार पर 4015 रिक्त पदों पर भर्ती करवाने की मांग की है।

एनएचएम फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि राज्य सरकार ने फरवरी 2013 में एक नोटिफिकेशन जारी कर स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग, पैरामेडिकल समेत सभी 46 अराजपत्रित संवर्गों के सेवा नियमों में संशोधन कर भर्ती-परीक्षा के बजाय व्यावसायिक-योग्यता के प्राप्तांकों एवं बोनस अंकों के आधार पर भर्तियाँ करने का प्रावधान किया था, परन्तु जून-2018 में गत भाजपा-सरकार ने कोचिंग-माफ़िया के दबाव में एक नोटिफिकेशन जारी कर “राजस्थान मेडिकल एण्ड हेल्थ सब-ऑर्डीनेट सेवा नियमों” में भेदभावपूर्ण तरीके से संशोधन किया और 45 संवर्गों को छोड़कर केवल फार्मासिस्टों के लिए ही भर्ती परीक्षा का प्रावधान लागू किया।

एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश उपाध्याय का कहना है कि सरकार एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की समस्त नर्सिंग एवं पैरामेडिकल भर्तियां व्यावसायिक योग्यता के प्राप्तांक प्रतिशत व बोनस अंकों (10,20,30) के आधार पर करवा रही हैं । वहीं दूसरी तरफ गत-सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये से स्वास्थ्य विभाग के एकमात्र फार्मासिस्ट-पद के लिए ही भर्ती-परीक्षा का प्रावधान किया है।

फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा की गयी मांगों में फार्मासिस्ट भर्ती-नियम संशोधन कर स्वास्थ्य विभाग की अन्य भर्तियों की भांति ही व्यवासायिक योग्यता (डिग्री-डिप्लोमा) के प्राप्तांक प्रतिशत व बोनस अंकों (10,20,30) के आधार पर करवाने, तथा निदेशालय द्वारा नव-सृजित 2369 पद एवं पूर्व-विज्ञापित 1736 पद जोड़कर कुल 4105 पदों पर भर्ती पूरी करवाई जाना प्रमुख हैं ।

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