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शहडोल जिला के व्यवसायिक प्रशिक्षको ने कलेक्टर, विधायक मनीषा सिंह, एवं जिला शिक्षा अधिकारी से अपनी सेवा संबंधी अनियमितता को लेकर दिया ज्ञापन|

शहडोल/ समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत नवीन व्यावसायिक शिक्षा संचालित म.प्र. के शासकीय विद्यालयों में व्यावसायिक प्रशिक्षक विगत वर्ष 2015-16 से वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर (वीटीपी) के माध्यम से नियुक्त किये गए हैं। वर्तमान में जिनकी संख्या 3386 हो गई है एवं इस वर्ष 1092 नई नियुक्ति की जानी प्रस्तावित हैं। व्यावसायिक प्रशिक्षक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक नवीन व्यावसायिक शिक्षा के आधार स्तम्भ हैं जिनके माध्यम से शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़े जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति 2020 में भी व्यावसायिक शिक्षा के लिए अत्यधिक महत्व दिया गया है। जिनके उद्दश्यों की पूर्ति हेतु व्यावसायिक प्रशिक्षकों की वर्तमान स्थिति पर जिला संगठन ने विधायक एवं जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल को अपनी निम्न समस्याओं से अवगत कराया-

1. कोरोना काल से अकारण विभाग द्वारा लगातार प्रतिवर्ष VT की सेवाओं में सर्विस ब्रेक दिया जाने लगा है। जबकि केंद्र सरकार से प्रतिवर्ष 12 मासी बजट आवंटन किया जाता है। अन्य राज्यों में सर्विस ब्रेक न देते हुये 12 मासी सेवाएं ली जाती रही है (पत्र संलग्न)। जिनमे मप्र भी वर्ष 2019 के पहले लागू करता रहा है। अतः सर्विस ब्रेक या टेंडर रिवाइज के नाम पर इस तरह से व्यवसायिक प्रशिक्षको के सेवाओं में अनियमितता उचित नहीं। आगामी समय में व्यवसायिक प्रशिक्षकोके सर्विस ब्रेक को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए जिससे कि व्यावसायिक शिक्षा के संचालन में बाधा उतपन्न न हो। एवं समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों(VT) की सेवाएं 12 मासी लेना सुनिश्चित किया जावे।
2. अनेक वीटीपी द्वारा समय पर वेतन भुगतान नहीं दिया जाता है। 6-7 माह लगातार वेतन भुगतान में अधिकांश वीटीपी विलम्ब करती आई है। जिससे की व्यवसायिक प्रशिक्षकोको कई गंभीर आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता है। अतः व्यवसायिक प्रशिक्षकोके भुगतान की निश्चित तिथि हेतु श्रम विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आउटसोर्स कर्मियों के लिए आदेश क्र.538 /2024/ ए-16 दिनाँक 02/05/2024 का पालन करते हुये प्रतिमाह की प्रथम तारीख तक वेतन प्रदान किया जावे।
3. विगत वर्ष 2015-16 से अब तक वर्तमान महंगाई दर को देखते हुए व्यावसायिक प्रशिक्षकों के वेतन रिवाइज किये जाएं। हरियाणा राज्य में प्रतिवर्ष सम्मानजनक बढ़ोतरी होने पर वर्तमान में वेतन 33,550 रु प्रतिमाह है (पत्र संलग्न) जबकि मप्र में अब तक मात्र 2,000 रु की ही बढोत्तरी हुई जो कि श्रम विभाग के नियमों के भी विरुद्ध है। अतः नवीन वेतनमान अनुभव के आधार पर बढ़ोतरी की जावे जिससे वेतन विसंगति को दूर किया जा सके।
4. विमर्श पोर्टल में व्यावसायिक प्रशिक्षक के रूप में प्रथम जॉइनिंग तिथि का उल्लेख होना सुनिश्चित हो।
5. व्यावसायिक प्रशिक्षकों के अनुभव को आधार रखते हुए उन्हें स्थान्तरण देने में प्राथमिकता दी जावे।
6. मातृत्व अवकाश एवं चिकित्सा अवकाश जैसे मूलभुत अवकाश सुविधा दिया जावे।
7. जीवन सुरक्षा हेतु अधिकतम बीमा कवरेज के साथ जीवनबीमा सुविधाओं का लाभ दिया जावे।
8. व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए भी यूनिक आई डी जनरेट की जावे।

इनका कहना है:-
जब इससे सम्बंधित जिला शिक्षा अधिकारी फूलसिंह मरपाची से संगठन के जिला अध्यक्ष धर्मेन्द्र पाण्डेय के द्वारा अपनी बात रखी गयी बोला गया कि सर इसमें हमारे बाल बच्चो के साथ साथ छात्रों का भी बहुत नुकशान हो रहा है इसलिए जल्द से जल्द आयुक्त महोदय से पत्राचार करके हमारी जोइनिंग कराई जाये तो उनके द्वारा बड़ी अभद्र तरीके से बात किया गया और बोला गया कि हमें अच्छे तरीके से मालूम है कि इसमें किसका लाभ हो रहाः है|



वही विधायक मनीषा सिंह से बात किया गया तो उनके द्वारा बड़ी शालीनता के साथ जवाब दिया गया और आश्वासन दिया गया कि हम आपकी समस्याओं को जल्द से जल्द मुख्यमंत्री एवं आयुक्त तक आपकी बात को पहुचाएंगे|

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