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झांसी के मेधावी युवा शिवम ने अमेरिका के न्यूयॉर्क विवि से किया एल एल एम



झांसी: झांसी के मेधावी युवा शिवम त्रिपाठी ने अपनी उत्कृष्टता और मेहनत के बल पर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (एनवाईयू) से एल एल एम यानी मास्टर ऑफ लॉ की डिग्री प्राप्त की है। यह विश्वविद्यालय टाइम्स हायर एजुकेशन 2023 रैंकिंग के अनुसार विधि के क्षेत्र में विश्व में दूसरे स्थान पर है। यही कारण है कि इस विश्वविद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक है| प्रति वर्ष 50 से अधिक देशों के विधि क्षेत्र में काम करने वाले लोग इस विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होते हैं।

विकास के लिहाज से पिछड़े क्षेत्र बुंदेलखंड की हृदय स्थली झांसी के निवासी शिवम त्रिपाठी ने अपनी विधि स्नातक (एलएलबी) की डिग्री नागपुर के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) से प्राप्त की। वे अपने विश्वविद्यालय से न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में मास्टर्स करने वाले पहले छात्र हैं। वे झांसी ही नहीं वरन बुंदेलखंड के भी पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने एन वाई यू से कानून की पढ़ाई की है। शिवम की शोध रुचियों में संविधानवाद, संघवाद (फेडरलिज्म) और समानता कानून के क्षेत्रों में हैं। अपनी शिक्षा के दौरान शिवम ने इन विषयों पर प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 23 प्रकाशन किए। अपनी शोध रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, भारत के नीति आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप की। स्नातक होने के बाद, उन्होंने लगभग दो साल तक सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश के चेंबर में रिसर्च असिस्टेंट के तौर पर काम किया, जहां उन्होंने विभिन्न कानूनों पर शोध किया, राय तैयार की, और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर छह सौ से अधिक बेंच मेमोरंडम तैयार किए।

शिवम डा. सुधांशु त्रिपाठी के पुत्र हैं। डा. त्रिपाठी भी विधि विषय में डाक्ट्रेट हैं। अपनी इस उपलब्धि पर शिवम का कहना है कि इस अवसर ने मुझे कानूनी व न्यायिक प्रक्रिया का अप्रतिम ज्ञान तो दिया ही है, साथ ही सामाजिक न्याय व विधि सेवा के प्रति प्रतिबद्धता मेरी सबसे बड़ी शिक्षा रही। उसका मानना है कि संविधान और मानवाधिकार में मौजूद मुद्दों को, केवल आलोचना और विश्लेषण को बढ़ावा देने वाली संस्कृति से ही दूर किया जा सकता है। अब वे इस उद्देश्य को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने के लिए वकालत और शोध में संलग्न होने का लक्ष्य रखते हैं।
शिवम की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और मित्रों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि झांसी शहर में विधि के क्षेत्र में रूचि रखने वाले छात्रों के लिए प्रेरणादायी भी है।

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