logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

पिछले साल बाढ़ ने प्रदेश में 35 लोगों की जान व 4.53 लाख एकड़ की फसल को बर्बाद किया था - वरुण चौधरी - नदियों पर स्टड व तटबंधों को मजबूत करने के 244 में से केवल 44 कार्य पूरे - वरुण चौधरी

- सरकार की निष्क्रियता, अंबाला में मानसून के बाद जारी होंगे तटबंध के टेंडर - वरुण चौधरी

- बाढ़ से बचाव के लिए सरकार शुरू नहीं की है नदियों व नहरों की सफाई - वरुण चौधरी

- बीजेपी ने नहीं किया तटबंधों के लिए अलॉट हुए फंड का इस्तेमाल - वरुण चौधरी

अंबाला, 8 जुलाई। अंबाला लोकसभा से सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि हरियाणा में मानसून ने दस्तक दे दी है। लेकिन बीजेपी सरकार की ओर से प्रदेश की जनता के लिए कोई तैयारी नहीं की है। हथिनीकुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़ने के बाद से नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। जिससे प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पिछले साल प्रदेश में यमुना नदी ने बाढ़ का प्रकोप दिखाते हुए 35 लोगों की जान ली थी और 4.53 लाख एकड़ की फसल को बर्बाद किया था।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में मानसून की पहली बारिश ने ही सरकार के सभी विकास कार्यों की पोल खोलने का काम किया है। बीजेपी सरकार की ओर से खेतों व तटवर्ती गांवों को बचाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए है। मानसून से करीब एक माह पहले तक भी सरकार ने नदियों व नालों की सफाई के लिए टेंडर तक भी जारी नहीं हुए हैं। बीजेपी सरकार ने नदियों पर स्टड लगवाने व तटबंधों को मजबूत करने के 244 में से केवल 44 कामों को पूरा किया है। यह सरकार की विफलता को दर्शाता हैं।

वरुण चौधरी ने कहा कि पिछले साल यमुना नदी में पानी स्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान सोनीपत जिले में हुआ था। सोनीपत में 13.84 करोड़ रुपये से 26 जगह स्टड बनवाने का टेंडर जारी हुआ था। अभी तक केवल तीन जगह काम शुरू हुआ है। वहीं, फरीदाबाद में भी सरकार ने तटबंधों के लिए 5.60 करोड़ का टेंडर जारी होने के बाद भी काम शुरू नहीं किया है। सीएम सीटी करनाल में भी सरकार ने बाढ़ के प्रकोप से बचने के लिए तटबंधों का केवल 15 प्रतिशत काम किया है। यमुनानगर में 94.58 करोड़ का टेंडर जारी होने के बावजूद अभी तक तटबंधों पर पत्थर तक भी नहीं पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों के साथ पिछले दस साल से शोषण करने का काम कर रही है। पिछले साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले 1 लाख 30 हजार किसानों को सरकार ने अभी तक मुआवजा राशि प्रदान नहीं की है। बीजेपी ने किसानों से वादा किया था कि साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुणी होगी, लेकिन मंहगाई बढ़ाकर लागत दोगुणी करने का काम किया है। बीजेपी ने कृषि यंत्रों पर जीएसटी लगाकर व खाद, बीज व कीटनाशक के दामों को बढ़ाकर किसानों पर दोहरी मार करने का काम किया है।

उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में विकास कार्य करवाने में असफल रही है। पिछले दस सालों में प्रदेश में काई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। बीजेपी सरकार ने प्रदेश में केवल अपराध, बेरोजगारी, महंगाई और खेल व खिलाड़ियों का अपमान करने का काम किया है। प्रदेश की जनता का बीजेपी की नीतियों से मोहभंग हो चुका है। इस बार विधानसभा में कांग्रेस पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार बन रही हैं। लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस की सरकार बनने के संकेत दे दिए हैं।

168
7434 views

Comment