कुछ पल यादों के सहारे....
जी रहा हूं मैं ना जाने किस हाल में,
बचा ही नहीं कुछ अब इस बहार में,
जीने दो मुझे कुछ पल यादों के सहारे,
जीने दो मुझे कुछ पल अपनो के ठिकाने,
मिल जाए वो वक्त मुझसे जो आके कभी,
तो कहेंगे हम मुकुराके यही...
तूने तो जी लिया ऐ वक्त अपने हिसाब से,
मगर न जीने दिया मुझे मेरे हिसाब से,
देदो मुझे कुछ पल उन यादों के सहारे,
जीने दो जूझे कुछ पल यादों के ही बहाने ।।।written by @सौरभ पाठक
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