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Indian education system failed?? Or students fail ??

Engineering Education की भी हद है,भारत में B.Tech की 28 लाख सीट हैं जिनमें 54% खाली पड़ी हैं, कुल 12 लाख बच्चे हर साल डिग्री लेकर निकल रहे हैं, इनमें On campus/off campus/referral/entrepreneurship/higher studies सब कुछ जोड़ लें, फिर भी 5-6 लाख बच्चे Absorb हो पा रहे हैं,करीब 5 लाख बच्चे किसी तरह कुछ भी नहीं कर पा रहे।
जितने लोग Absorb हो रहे हैं उनमें 90% IT/ITES sector मै हो रहे हैं, Absorbed candidates मै भी सिर्फ 10% लोगों को उनकी Skill and Interest के हिसाब से जॉब मिला हुआ है,90% लोग खुश नहीं हैं क्योंकि job is good for nothing.

सरकार के पास कोई Checks and balance parameter नहीं है, मैं सिर्फ इस सरकार की बात नहीं कर रहा,1996 से गंदगी शुरू हुई है और Engineering education पूर्णतया माफियाओं के हाथों में जा चुकी है, Governing bodies भ्रष्ट हो चुकी हैं।
NAAC A+ Certification उन यूनिवर्सिटीज को मिल जाता है जिनके पास बिल्कुल कुछ नहीं है,शिक्षाविद experts की team आती है ,शराब शबाब की VVIP parties चलती है, Formalities के लिए Visit होती है, वीडियोग्राफी होती है, सभी Experts को मोटे मोटे लिफाफे और गिफ्ट मिलते हैं, नतीजा A+ सर्टिफिकेट ,उसको जिसे यूनिवर्सिटी चलाने की भी मान्यता नहीं होनी चाहिए थी।

हमारे देश के शिक्षाविद बेहद भ्रष्ट हो चुके हैं, न इन्हें शिक्षा से मतलब है, न छात्रों और उनके भविष्य से मतलब है, इन्हें तो रूपया पैसा सोना शराब शवाब चाहिए और ये सब माफ़िया ही उपलब्ध करा सकते हैं।

भारतीय ग्रेजुएट्स के पास जरूरी Skills नहीं इसलिए बेरोजगारी है, मुझे इस कथन से तकलीफ होती है, पहली बात क्या भारत के पास हर साल 28 लाख Technical brain के बच्चे हैं जिन्हें इंजीनियरिंग कोर्स में Admission दिया जा सके ? दूसरा Skilling की जिम्मेदारी किसकी है ? बच्चा 80% marks की डिग्री लेकर कैसे चला गया ? यदि बिना Skill set के 80% marks की degree लेकर गया है तो जिम्मेदार उसकी यूनिवर्सिटी है, जिम्मेदार उसके अध्यापक हैं, जिम्मेदार सरकार है।

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