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मनिला देवी मंदिर कमराड़ में ध्वजारोहण और शहीदों को श्रद्धांजलि: भव्य मेला और महायज्ञ के साथ श्रीमद् भागवत महापुराण का समापन

अल्मोड़ा जिले के प्रतिष्ठित मनिला देवी मंदिर कमराड़ में 9 अगस्त से चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण की पवित्र कथा का समापन 16 अगस्त को महायज्ञ के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन के दौरान, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष अवसर पर, मंदिर परिसर में सुबह 9 बजे ध्वजारोहण समारोह संपन्न हुआ, जिसके पश्चात देश के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया गया जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजादी दिलाई। हर साल की तरह इस वर्ष भी 15 अगस्त को मनिला देवी मंदिर,कमराड़ में भव्य मेला आयोजित किया गया, जिसमें दूर-दराज से हजारों लोग श्रद्धा के साथ शामिल हुए। मेले की रौनक देखते ही बनती थी, जहाँ न सिर्फ धार्मिक आस्था का संगम हुआ, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों और पारंपरिक हाट-बाजार ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
दिन के तीन बजे निर्धारित समय से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन शुरू हुआ। इस विशेष अवसर पर अधिकारी ब्रदर्स ग्राम मिनार द्वारा मंदिर के नव निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत संस्थापक सदस्यों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। स्वर्गीय श्री नन्दन सिंह अधिकारी, स्वर्गीय श्री बचे सिंह रावत, स्वर्गीय श्री हयात सिंह अधिकारी, और स्वर्गीय श्री प्रेम सिंह अधिकारी के परिजनों ने यह सम्मान ग्रहण किया। इसके साथ ही, श्री तुला सिंह तडि़याल, श्री नन्दन सिंह रावत, श्री बहादुर सिंह रावत बहेड़ा,और मानिला मंदिर के शिल्पी श्रध्येय श्री चुन्नीलाल छाबड़ा जी को भी उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
16 अगस्त को, सैकड़ों श्रद्धालुओं और क्षेत्र के दर्जनों जोड़ों ने पारंपरिक परिधान के साथ महायज्ञ में भाग लिया, जिसमें क्षेत्र की सुख, समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की गई। यज्ञ पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ, जिसमें भाग लेने वाले श्रद्धालुओं ने अपने जीवन में सकारात्मकता और शांति की प्राप्ति के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रीमद् भागवत पुराण के इस सात दिवसीय आयोजन में कथा वाचक आचार्य श्री योगेंद्र जोशी ने अपने मधुर वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्तगण भावविभोर हो उठे। महायज्ञ के समापन के बाद, श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस धार्मिक अनुष्ठान ने क्षेत्र के लोगों को एक साथ जोड़ने और सामाजिक चेतना का संदेश देने का काम किया।इस वर्ष के मुख्य यजमान के रूप में ग्राम बहेड़ा के श्री हिमत्त सिंह रावत जी ने सभी क्षेत्रवासियों का धन्यवाद किया।
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