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रतनपुर :- छत्तीसगढ़ बिलासपुर का एक ऐसा अनोखा मंदिर जहां हमारे भारत के राष्ट्रपति जी खुद आए थे माता का दर्शन करने।

तो चलो दोस्तों आज हम जानेंगे हमारे रतनपुर मंदिर और इस स्थान के बारे में जहां दूर - दूर से लोग दर्शन करने अपनी मनोकामना लेकर आते हैं जहां खुद राष्ट्रपति जी माननीय श्रीमान द्रौपदी मुर्मू जी खुद आई थी दर्शन करने। बिलासपुर से रतनपुर के बीच की दूरी सड़क मार्ग से 24 किमी है, साथ ही हवाई मार्ग से भी। बिलासपुर से रतनपुर तक की दूरी कैब द्वारा लगभग 00 घंटे 46 मिनट में तय की जा सकती है। रतनपुर जाते ही आपको महामाया नगरी रतनपुर के प्रसिद्ध लखनी देवी पहाड़ पर हनुमान जी की 45 फीट ऊंची प्रतिमा देखने को मिलेगी तत्पश्चात आपको बाबा कालभैराव जी का मंदिर देखने को मिलेगा कहा जाता है कि नवरात्रि विशेष जो भी भक्त मां महामाया मंदिर के दर्शन करने के बाद बाबा कालभैराव मंदिर के दर्शन करने जाता है उनका मनोकामना पूर्ति आवश्य रूप से होती है। महामाया मंदिर भारत के छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के रतनपुर में स्थित देवी दुर्गा, महालक्ष्मी को समर्पित एक मंदिर है और पूरे भारत में फैले ५२ शक्ति पीठों में से एक है, जो दिव्य स्त्री शक्ति के मंदिर हैं। रतनपुर एक छोटा शहर है, जो मंदिरों और तालाबों से भरा हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से लगभग २५ किमी दूर स्थित है। देवी महामाया को कोसलेश्वरी के रूप में भी जाना जाता है, जो पुराने दक्षिण कोसल क्षेत्र (वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य) की अधिष्ठात्री देवी हैं।11 वीं- 13 वीं शताब्दी में बना ये मंदिर देवी महामाया को समर्पित है। इसे रतनपुर के कलचुरी शासनकाल के दौरान बनाया गया था। कहा जाता है कि यह मंदिर उस स्थान पर स्थित है जहां राजा रत्नदेव ने देवी काली के दर्शन किए थे। मूल रुप से मंदिर तीन देवियों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के लिए था। जानिए अब छत्तीसगढ़ के बारे में मेरे साथ मैं हूं आपके साथ विरेंद्र कुमार AIMA MEDIA जन - जान की आवाज़

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