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जाली दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी करने के आरोपों में घिरी महिला सबूतों के अभाव के चलते बरी-

मोगा 16 अक्तूबर 2024(शालीन शर्मा)- माननीय जुडिशियल मजिस्ट्रेट विजय कुमार की अदालत ने जाली दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी करने के आरोपों में घिरी महिला को सबूतों व गवाहों के अभाव के चलते बरी करने का आदेश दिया है। इस मामले में 18 जनवरी 2018 को थाना बाघापुराना पुलिस की ओर से आरोपित महिला सिमरजीत कौर उर्फ सुखविंदर कौर पत्नी पसोरा सिंह निवासी गांव माहला खुर्द के खिलाफ बनती विभिन्न धाराओं के अधीन मामला दर्ज किया था। इस मामले में शिकायतकर्ता कुलविंदर कौर पत्नी जगराज सिंह निवासी माहला खुर्द ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सिमरजीत कौर और उर्फ सुखविंदर कौर की ओर से ग्राम पंचायत द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर के तौर पर गांव में सैंटर की पोस्ट के लिए जो सर्टिफिकेट और दस्तावेज दिए थे, वह जाली थे और पिछले लंबे समय से सिमरजीत कौर सरकारी नौकरी कर रही है। जिसके चलते उसने सरकार और विभाग के साथ धोखाधड़ी की है। इस मामले में आरोपों में घिरी महिला सिमरजीत कौर की ओर से अपने वकील एडवोकेट रूप कुमार शर्मा के माध्यम से माननीय अदालत में अपना पक्ष रखा था और इस मामले के बारे में संम्भव दलीलें ले पेश की थी। जिनके आधार पर माननीय अदालत ने सिमरजीत कौर उर्फ सुखविंदर कौर को बरी करने का आदेश दिया है।

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