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जय मां काली मंदिर बखोरापुर वाली की है अपार महिमा, कहानी जान उड़ जायेंगे होश

भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत बखोरापुर में मां काली का भव्य मंदिर है. यह मंदिर आज से करीब 152 साल पूर्व छोटा रुप में चर्चा में आया था जब वर्ष 1862 में बखोरापुर गांव में हैजा फैला था. जिससे तीन सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग बीमार थे. उसी समय गांव में एक साधु आए. उन्होंने मां काली की पिंड स्थापना करने की बात कही. साथ ही ये भी कहा कि ऐसा करने से यह बीमारी रुक जाएगी. साधु के कहने पर गांव के बड़े-बुजुर्गों ने नीम के पेड़ के पीछे मां काली की नौ पिंड स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी. इसके बाद वो साधु चंद दिनों बाद अदृश्य हो गए. साथ ही हैजा भी गांव से धीरे-धीरे समाप्त हो गया.

जाने का रास्ता

यह मंदिर आरा रेलवे स्टेशन से लगभग 12 किमी उत्तर बड़हरा प्रखंड के बखोरापुर पंचायत में स्थित है. आरा रेलवे स्टेशन से ऑटो से गांगी पहूंचकर विभिन्न वाहन मंदिर तक जाने के लिए मिलते हैं. मंदिर परिसर के आसपास पूजा सामग्री, होटल, बैंक, एटीएम के साथ अन्य सुविधाएं उपल्बध हैं. जहां भक्तों के लिए हर संभव सहायता मुहैया की जाती है. इसको लेकर मंदिर के पुजारी बिष्णु बाबा ने बताया कि यहां पर पूजा पाठ प्राचीन समय में घटित घटनाओं के समय से ही रही है. यहां जो श्रद्धालु भक्त आते हैं मां उनकी मनोकामना पूर्ण करती हैं, नवरात्र में खासकर मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालु भक्तों के लिए हर रोज प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाती है. इस दौरान देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु आकर यहां मां के दर्शन करते है।

विदेशों से आते हैं भक्त

बखोरापुर मां काली मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीडी सिंह ने बताया कि जब से यह मंदिर बना है, तब से गांव में लोग दूर-दूर से, यहां तक कि विदेशों से भी भक्त पूजा करने आते हैं. माना जाता है कि वो मां से जो भी मन्नत मांगते हैं, वो मांग पूरी हो जाती है. वहीं, हर वर्ष मंदिर प्रबंधन की ओर से बड़े स्वास्थ शिविर का आयोजन समेत कई सामाजिक सरोकार के काम भी किए जाते हैं. मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है जिसके कारण यह मंदिर देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चित है. हर वर्ष 2 अप्रैल को बखोरापुर काली मंदिर में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाता है और 2004 से लगातार हर वर्ष इस का भव्य आयोजन किया जाता है. जिसमें भोजपुरी सहित सिने जगत के अनेक विश्व प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं.

2004 में जुटी थी दो लाख लोगों की भीड़

2004 के अप्रैल में बखोरापुर मंदिर में राष्ट्रीय मां काली सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान लगभग दो लाख लोगों की भीड़ जुटी थी. तब से लगातार हर वर्ष भक्ति जागरण का आयोजन होता है. नवरात्र में खासकर मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालु भक्तों के लिए हर रोज प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाती है. इस दौरान देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु आकर यहां मां के दर्शन करते हैं.

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