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श्री रघुनाथ जी के मंदिर के पुनर्निर्माण कार्यक्रम सुंथली

मकराना, 2 साल पूर्व हुई बारिश से मकराना तहसील के सूंथली गांव में इकट्ठा हुआ पानी घुसने से क्षतिग्रस्त हुए श्री रघुनाथ जी के मंदिर के पुनर्निर्माण पश्चात पुनः मन्दिर में प्रवेश चार दिवसीय समारोह में संतों के सानिध्य में होगा। पुजारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि बरसात के पानी की निकासी नहीं होने से पानी गांव के चौक में ही जमा होता है। दो साल पहले रात्रि में पानी ज्यादा हो गया तो मन्दिर व पुजारी आवास में घुस गया था जिससे मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा। खतरा देखकर पुजारी जी ने मूर्तियां वहां से हटाकर अपने आवास के एक सुरक्षित भाग में रखवा कर सेवा पूजा जारी रखी। गांव वालों व पुजारी परिवार ने जन सहयोग से गत दो वर्षों से पुराने मंदिर को हटाकर नए मंदिर का काम चल रखा था जो इस साल पूरा हुआ है। मंदिर का शिखर धौलपुर के गुलाबी पत्थर से बनाया गया है वहीं प्रवेश द्वार, झरोखे एवं छतरियां आदि भी धौलपुर के गुलाबी पत्थर से बनाए गए हैं। प्राचीन सिद्ध पीठ मंदिर श्री रघुनाथ जी के भव्य नवनिर्मित मंदिर में ठाकुर जी के पुनः प्रवेश पर गांव वालों ने चार दिवसीय कार्यक्रम रखा है जो 17 नवंबर 2024 से शुरू होकर 20 नवंबर 2024 तक चलेगा।

सनातनी योद्धा लक्ष्मी नारायण दास जी महाराज करेंगे प्रवचन :
मन्दिर पुजारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि 17 नवंबर को कलश यात्रा से ठाकुर जी के नव निर्मित भव्य मंदिर में पुनः प्रवेश के कार्यक्रम की शुरुआत होगी। शाम को सुंदर काण्ड का सामूहिक पाठ होगा। 18 नवंबर को सुबह दीपयज्ञ व शाम को ओमकार सनातन वेद शक्ति पीठ नागौर के पीठाधीश्वर महंत स्वामी लक्ष्मी नारायण दास जी महाराज के प्रवचन होंगे। 19 नवंबर को बालाजी महाराज की नई मूर्ति के संस्कार व हवन इत्यादि होंगे। 20 नवंबर को मन्दिर के कलश स्थापना व ध्वजारोहण के साथ नविन मन्दिर में ठाकुर जी बीराजमान होंगे। तत्पश्चात भामाशाहों का सम्मान व महा प्रसाद का आयोजन होगा।

बहिन बेटी सम्मेलन होगा: पुजारी परिवार के हनुमान लाल वैष्णव ने बताया कि ठाकुर जी के मंदिर में पुनः प्रवेश कार्यक्रम को यादगार समारोह बनाने के लिए 19 नवंबर को बहु बेटी सम्मेलन रखा गया है। बहिन बेटियां नविन बने भव्य मंदिर निर्माण को देख कर निश्चित ही अपने को गौरवान्वित महसूस करेंगी।

संतों का सानिध्य: कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी रघुवरदास जी महाराज बरवाला, महंत स्वामी बालकदास जी महाराज बरवाली, गोसंत प्रेम दास जी महाराज शिंभूपुरा व महंत स्वामी लक्ष्मी नारायण दास जी महाराज नागौर की मंगल उपस्थिति में ठाकुर जी महाराज के पुनः प्रवेश कार्यक्रम आयोजित होगा।

क्यों है सिद्ध पीठ: लगभग 125 वर्ष पूर्व कुचामन ठाकुर साहब शेर सिंह जी के समकालीन महंत रघुनाथ दास जी महाराज सूंथली पधारे थे। वर्तमान मन्दिर के स्थान पर तत्कालीन सूंथली ठाकुर साहब की मदद से मन्दिर बना कर सेवा पूजा करने लगे। एक बार इन्होंने ठाकुर साहब के सामने ठाकुर जी बिराजमान को हुक्का पान करवाया। तब से यह स्थान सिद्ध पीठ कहलाया। रघुनाथ दास जी के बाद भागीरथ दास जी महाराज महंत बने। भागीरथ दास जी महाराज ने अपने उत्तराधिकारी बाबाजी श्री मोहन दास जी महाराज को गृहस्थी की आज्ञा दी। मोहन दास जी महाराज के बाद वर्तमान सेवादार भंवरलाल जी है।

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