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औरैया:प्रदेश में ट्रेक्टर ट्राली का सबसे बड़ा चालान,एआरटीओ ने ठोंका दस लाख रुपये जुर्माना, जानिए पूरा मामला

वास्तविक पहिये के अंदर की तरफ लगा रेलवे का पहिया। कर्मचारी रेलवे ट्रैक पर काम के लिए ठेकेदार प्रतिमाह चुकाते थे 85 हजार रुपये किराया

जेएनए संवाददाता, औरैया। ट्राली में ट्रेन के पहिये लगाकर ट्रैक पर गिट्टी डालने वाला ट्रैक्टर मालिक प्रति माह रेलवे ठेकेदार से 85 हजार रुपये किराया लेता था। इस ट्रैक्टर ट्राली पर दस लाख छह हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई के बाद अब इसकी चर्चा कानपुर से लेकर लखनऊ में बैठे अधिकारी तक हो रही है। अधिकारी इस कार्रवाई से चकित भी हैं। उन्होंने एआरटीओ से इस बारे में जानकारी भी ली है।

एआरटीओ सुधेश तिवारी ने बताया कि वह 22 जनवरी की शाम कानपुर-इटावा हाईवे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी हाईवे पर मेहौली के पास ट्राली में ट्रेन का पहिया लगा देखकर वह हैरान रह गए। चालक को रोककर पूछताछ की तो पता चला कि कि दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर फफूंद से अछल्दा स्टेशन के बीच काम खत्म करके वह ट्रैक्टर ट्राली लेकर वापस राजस्थान जा रहा था।
ठेकेदारों से प्रति माह 85 हजार रुपये लेता था किराया
ट्रैक्टर मालिक व चालक राजस्थान के नागौर जिले के निवासी पप्पू राम ने बताया कि साधारण ट्रैक्टर ट्राली को करीब दस वर्ष पहले खरीदा गया था। पांच साल पहले ट्रेन के पहिये राजस्थान में लगवाए थे। इसके बाद रेलवे ठेकेदारों में उसकी मांग बढ़ गई। ठेकेदारों से वह प्रति माह 85 हजार रुपये किराया लेता था।
ट्रैक्टर ट्राली से पांच साल में करीब 50 लाख रुपये कमा चुका है। ट्रेन के पहिये की वजह से ट्रैक्टर ट्राली रेल की पटरी पर आराम से चलती थी।ARTO ने ठोका दस लाख रुपये का जुर्माना चालक ने बताया कि रेलवे ट्रैक का काम हो जाने के बाद वह ट्राली से ट्रेन का पहिया हटा देता था। वह पहिए हटा रहा था तभी पकड़ा गया। ट्राली संबंधित कोई भी कागजात नहीं दिखा पाने पर एआरटीओ ने ट्रैक्टर ट्राली पर दस लाख छह हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए उसे सीज कर दिया।
दस लाख रुपये चालान की जानकारी जब आरटीओ कानपुर राकेंद्र कुमार और परिवहन कमिश्नर बृजेश नारायण सिंह को मिली तो वह भी चकित हो गए। 24 जनवरी को कमिश्नर ने ट्रैक्टर ट्राली पर लगाए गए जुर्माने के बारे में एआरटीओ से जानकारी ली। दरअसल, ट्रैक्टर ट्राली पर अब तक की प्रदेश में पहली इतनी बड़ी कार्रवाई है।
इस तरह किया गया जुर्माना
जुगाड़ से ट्राली बनाने के मामले में 9,63,500 रुपये, प्रदूषण और स्पीड लिमिट डिवाइस के मामले में 10-10 हजार का जुर्माना लगाया गया। फिटनेस के मामले में पांच हजार, बिना परमिट के चलाने में 10 हजार, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने पर पांच हजार, तेजी या खतरनाक तरीके से ट्रैक्टर चलाने के मामले में 2500 रुपये जुर्माना लगाया है।

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