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Kanpur: न्यू विक्टोरिया मिल की जमीन पर कब्जा करने पहुंचा ट्रस्ट, हंगामा, दोनों पक्षों ने सामने रखे अपने दस्तावेज

कानपुर, || न्यू विक्टोरिया मिल की जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे ट्रस्ट संचालकों के अधिवक्ताओं और एनटीसी अधिकारियों के बीच विवाद और हंगामा हो गया। पुलिस दोनों पक्षों को लेकर थाने पहुंची जहां उन लोगों ने अपने-अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए। न्यायालय का आदेश देखने के बाद पुलिस ने अमीन को नापजोख करने की अनुमति दे दी। ट्रस्ट की ओर से मौके पर कुछ पिलर भी लगा दिए गए। न्यू विक्टोरिया मिल एंड कंपनी लिमिटेड का राष्ट्रीयकरण होने के बाद यह एनटीसी यानी भारत सरकार की संपत्ति हो गई थी। इस संपत्ति का 13 हजार वर्गमीटर का हिस्सा कैलाश कुटीर रेजीडेंशियल कालोनी था जहां कंपनी के अधिकारी रहा करते थे। वर्ष 2007 में द्वारिकाधीश टेंपल ट्रस्ट की ओर से सिविल कोर्ट में वाद दाखिल करते हुए इस रेजीडेंशियल हिस्से को अपना बताया गया। न्यायालय से पक्ष में आदेश होने के बाद वर्ष 2023 में ट्रस्ट की ओर से दाखिल किया गया।

इस मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट ने 13 फरवरी 2025 को आदेश देेते हुए अमीन नियुक्त किया और उक्त जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश दिए। गुरुवार को ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता अमीन और पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। कब्जा होने की जानकारी एनटीसी के आफीसर इंचार्ज सतीश कुमार, मिल प्रभारी अजीत सिंह, कंपनी के अधिवक्ता एसएन सिंह को लगी तो वह लोग भी मौके पर पहुंचे। एनटीसी के अधिकारियों ने संपत्ति को भारत सरकार का बताया जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। जिस पर पुलिस उन्हें कर्नलगंज थाने ले आई। यहां दोनों पक्षों के दस्तावेज देखे गए।

ट्रस्ट के अधिवक्ता कपिल दीप ने बताया कि न्यू विक्टोरिया मिल की संपत्ति एनटीसी की है। ट्रस्ट ने उसी जमीन पर कब्जा मांगा है जिसे किराये पर दिया गया था। एनटीसी की ओर से इजरा वाद में अपना पक्ष रखा गया था लेकिन बाद में न तो आपत्ति की गई और न ही कोई पैरवी की गई। जिसके बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन अरुण कुमार गुप्ता ने पांच अक्टूबर 2024 को उनका पक्ष खारिज कर दिया था। जिसके बाद गुरुवार को अमीन और पुलिस बल के साथ कब्जा लेने पहुंचे थे।

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