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चित्रकूट में उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा निर्माण कार्य करवाए गए खेल मैदान साबित हो रहे शोपिश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गाँवों में खेल को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में खेल मैदानों का निर्माण कराया गया,लेकिन इनमें से कई खेल मैदान अब शोपीस बनकर रह गए हैं

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*_जनपद चित्रकूट में उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा निर्माण कार्य करवाए गए खेल मैदान साबित हो रहे शोपिश…प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी लापरवाही आ रही सामने---_*

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गाँवों में खेल को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में खेल मैदानों का निर्माण कराया गया , लेकिन इनमें से कई खेल मैदान अब शोपीस बनकर रह गए हैं। कई स्थानों पर रखरखाव की कमी , सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण ये मैदान उपयोग में नहीं आ पा रहे है। *1. रखरखाव की कमी -* कई मैदानों में घास नहीं उगाई गई , गड्ढे पड़ गए हैं और समुचित सफाई नहीं होती। *2. उपकरणों की अनुपलब्धता -* कुछ स्थानों पर खेल किट या जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं , जिससे खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर सकते। *3. प्रशासनिक लापरवाही -* कई ग्राम पंचायतों में इन खेल मैदानों का कोई नियमित निरीक्षण नहीं होता , जिससे वे जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। *4. प्रोत्साहन की कमी -* स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण शिविर आयोजित न होने से युवाओं में रुचि घट रही है। *5. अवैध कब्जे -* कुछ जगहों पर इन मैदानों पर अतिक्रमण कर लिया गया है , जिससे खेल गतिविधियाँ बाधित हो रही हैं। हालांकि उत्तरप्रदेश सरकार ने इन खेल मैदानों को ग्रामीण युवाओं के शारीरिक विकास और खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से बनवाया था , लेकिन प्रशासनिक उदाशीनता के कारण खेल मैदान शोपिश साबित हो रहे है। अगर इनका सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया तो यह योजना विफल हो सकती है। इसके समाधान के लिए पंचायतों को जागरूकता अभियान चलाने, नियमित रखरखाव की व्यवस्था करने और स्थानीय खेल आयोजनों को बढ़ावा देने की जरूरत है , मगर जनपद चित्रकूट के प्रशासनिक अधिकारी हाथ पे हाथ रखकर बैठे हुए है और सरकार के योजनाओं में पलीता लगा रहे है।

रिपोर्ट राममिलन सिंह
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद चित्रकूट

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