
128 वर्षीय योग गुरु, पद्मश्री स्वामी शिवानंद जी का निधन काशी के लिए अपूरणीय क्षति
काशी नगरी ने आज अपना एक अनमोल रत्न खो दिया। 128 वर्षीय योग गुरु, पद्मश्री सम्मानित स्वामी शिवानंद जी के निधन की खबर अत्यंत दुःखद और भावुक कर देने वाली है। उनका जाना केवल एक संत का जाना नहीं है, बल्कि योग, संयम, सेवा और सादगी की एक जीवित परंपरा का अवसान है।
बाबा शिवानंद जी का जीवन स्वयं में एक प्रेरणा था। उन्होंने बिना रोग के, बिना विलासिता के, और बिना किसी दिखावे के 128 वर्षों का संतुलित जीवन जिया। वे प्रतिदिन योग, प्राणायाम और ध्यान करते थे। उनका भोजन सात्विक, जीवन संयमित और विचार अत्यंत निर्मल थे।
2022 में जब उन्होंने राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री सम्मान प्राप्त करते समय साष्टांग दंडवत किया, तो पूरा देश उनकी विनम्रता और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण को देख भाव-विभोर हो गया था।
उनका जीवन संदेश देता है कि दीर्घायु और स्वास्थ्य केवल दवाओं से नहीं, बल्कि साधना, संतुलन और सरलता से प्राप्त होता है।
आज भारत ने एक सच्चा योगी, तपस्वी और जीवन की कला सिखाने वाला गुरु खो दिया। बाबा शिवानंद जी को विनम्र श्रद्धांजलि।
ॐ शांति!