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हुसैनाबाद प्रखण्ड कार्यालय में पंचायत समिति की लाखों रुपए की राशि गबन प्रदीप कुमार पासवान

हुसैनाबाद प्रखंड में पंचायत समिति की लाखों की राशि गबन का आरोप - प्रदीप कुमार पासवान ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत पतरा खुर्द पंचायत के पंचायत समिति सदस्य प्रदीप कुमार पासवान ने झारखंड सरकार और पलामू के उप विकास आयुक्त से ट्वीट के माध्यम से प्रखंड कार्यालय में हुए लाखों रुपये के गबन की शिकायत करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

प्रदीप पासवान ने आरोप लगाया कि हुसैनाबाद प्रखंड में पंचायत समिति की राशि किसी व्यक्ति विशेष के लिए आवंटित कर दी जाती है, जबकि अन्य पंचायत समिति सदस्यों को इस राशि की जानकारी तक नहीं दी जाती, न ही उन योजनाओं की जानकारी दी जाती है जिन पर यह राशि खर्च की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता के दौरान भी इन राशियों का भुगतान अवैध रूप से किया गया है।

प्रेस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से योजना का विवरण माँगा, तो उन्हें पंचायती राज के प्रखंड समन्वयक श्री राजूरंजन कुमार से संपर्क करने के लिए कहा गया। परंतु, श्री राजूरंजन ने कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई क्योंकि उनके द्वारा पहले ही अवैध तरीके से भुगतान कर दिया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजूरंजन कुमार जानबूझकर योजनाओं से संबंधित काला चिट्ठा छुपा रहे हैं और ऐसे कार्यों में शामिल हैं जिनमें कम काम के बदले अधिक भुगतान, कार्य में गुणवत्ता की कमी, और कमीशनखोरी जैसी भ्रष्ट प्रथाएँ शामिल हैं।

प्रदीप पासवान ने यह भी आरोप लगाया कि BDC की बैठकों में उनके सुझावों को कार्यवृत्त (प्रोसिडिंग) में दर्ज नहीं किया जाता और न ही उनके क्षेत्र की योजनाओं को ऑनलाइन किया जाता है।

उन्होंने कहा, “जब एक विधायक को योजना और फंड की जानकारी नहीं दी जाती, तो वह कैसे विकास करवा सकता है? इसी तरह जब पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो ग्राम विकास कैसे संभव होगा?”

अंत में, श्री पासवान ने झारखंड सरकार के पंचायती राज मंत्री, उपायुक्त और उपविकास आयुक्त से अनुरोध किया कि इस गबन की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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