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पशु मित्रों को नहीं मिल रहा मानदेय, सरकार से नियमानुसार भुगतान की मांग तेज

फतेहपुर। पशुपालन विभाग में कार्यरत पशु मित्रों की हालत दिन-प्रतिदिन चिंताजनक होती जा रही है। ये पशु मित्र जहां एक ओर गांवों में गौशालाओं की देखरेख, टिकाकरण, प्रसव सहायता जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा इन्हें अभी तक नियमित मानदेय नहीं दिया जा रहा है।


पशु मित्रों का कहना है कि वे लगातार मुफ्त सेवाएं देकर विभाग की नीतियों को ज़मीन पर उतार रहे हैं। लेकिन न तो उन्हें आर्थिक सहायता मिल रही है और न ही उनका कोई स्थायी दर्जा तय किया गया है।


एक पशु मित्र ने बताया, “हम सुबह से शाम तक पशुओं की सेवा में लगे रहते हैं, कभी टिकाकरण तो कभी गाय-भैंसों की देखभाल। फिर भी हमारा कोई मानदेय तय नहीं है, और न ही किसी योजना में हमारा भविष्य सुरक्षित है।”


पशु मित्र संघ द्वारा कई बार जिला स्तर और राज्य स्तर पर ज्ञापन देकर मानदेय तय करने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। कई पशु मित्रों का कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे कार्य बहिष्कार या जिलास्तरीय प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।


जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों से अपील की जा रही है कि पशु मित्रों के कार्य को पहचान दी जाए और उन्हें नियमित मानदेय, चिकित्सा बीमा तथा भविष्य निधि जैसी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं।


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