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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के बावजूद खस्ताहाल सड़क, विधायक राजेश कछाप पर आरोप


खिजरी (रांची), झारखंड से विशेष रिपोर्ट

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का उद्देश्य गांवों को मुख्यधारा से जोड़कर वहां के नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा देना है। लेकिन खिजरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम – बालालोंग, फूलवार टिकरा, नगरी (रांची, झारखंड) की सड़क इस योजना का माखौल उड़ाती नजर आ रही है।


यह वही सड़क है जो गैस गोदाम तक जाती है, जहां सुबह से शाम तक सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। बरसात में कीचड़ और गर्मियों में धूल के गुबार में यह सड़क कब तक जनता की परीक्षा लेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं।


स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर कई बार खिजरी विधायक श्री राजेश कछाप जी से व्यक्तिगत मुलाकात और बातचीत की गई। लेकिन, उनका रवैया हमेशा टालमटोल और आश्वासन तक ही सीमित रहा।


जनता का आक्रोश:
लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा किए गए वादे केवल दिखावा साबित होते हैं। एक ग्रामीण ने कहा,
हम जनता अपने वोट से किसी को प्रतिनिधि बनाते हैं इस भरोसे के साथ कि वे हमारे गांव की समस्या दूर करेंगे, लेकिन चुनाव के बाद हम 5 साल तक इन गड्ढों में चलने को मजबूर हैं। सरकार भूल जाती है कि अगली बार सरकार भी इन्हीं गड्ढों में गिरेगी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपील:
गांव के लोग इस पोस्ट और खबर के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ध्यान इस सड़क पर आकृष्ट करना चाहते हैं, ताकि ग्रामीणों को रोजाना की परेशानी से राहत मिले और सड़क निर्माण में हो रही लापरवाही की जांच हो।


यह समाचार मीडिया और शासन-प्रशासन के लिए एक सवाल भी है—
क्या ग्रामीण जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान वाकई प्राथमिकता में है?


यदि नहीं, तो यह लोकतंत्र और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।


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