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गोंडा में आटा और दलिया प्लांट योजना: 5000 किसानों को मिलेगा लाभ


📅 दिनांक: 10 जुलाई 2025
📍 स्थान: गोंडा, उत्तर प्रदेश

मुख्य बिंदु:

गोंडा जिले में आटा एवं दलिया (पौष्टिक आहार) निर्माण इकाइयों की स्थापना की योजना तैयार की गई है।

इस योजना का उद्देश्य कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है।

अनुमान है कि करीब 5,000 किसानों को इस योजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।


प्रशासन और नीति समर्थन:

यह परियोजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत संचालित होगी।

योजना के तहत किसानों से सीधे गेहूं और अन्य अनाज खरीदे जाएंगे और स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग की जाएगी।

जिला प्रशासन की निगरानी में प्लांट की स्थापना की जाएगी और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को भी इससे जोड़ा जाएगा।


लाभ और उद्देश्य:

किसानों को मंडी की बजाय स्थानीय प्लांट में उपज बेचने का सीधा अवसर मिलेगा, जिससे ट्रांसपोर्ट और बिचौलियों की लागत बचेगी।

दलिया, आटा जैसे उत्पादों की ब्रांडिंग कर जिला स्तर पर बिक्री की जाएगी, जिससे स्थानीय ब्रांड को पहचान मिलेगी।

प्लांट के लिए जरूरी तकनीकी प्रशिक्षण और मशीनरी अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।


DM गोंडा का बयान:

जिलाधिकारी ने बताया कि –

> “इस योजना से गोंडा के किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।”



स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया:

कई किसानों ने योजना का स्वागत किया है। पिपरीपुर, झंझिरी, और कटरा बाजार के किसानों ने बताया कि अब उन्हें अपनी फसल को दूर तक ले जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, महिला समूहों में भी उत्साह है कि उन्हें अपने क्षेत्र में ही काम मिलेगा।


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✅ निष्कर्ष:

गोंडा जिले में आटा और दलिया प्लांट की स्थापना से न सिर्फ किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और खाद्य सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। यह एक दूरदर्शी कदम है जो गोंडा को "कृषि उत्पाद प्रसंस्करण" के क्षेत्र में अग्रणी बना सकता है।

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