logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

कांग्रेस कमेटी गोरखपुर। डॉ सैय्यद जमाल अहमद जी ने कहा कि।

बहनों द्वारा भाइयों पर अपनी सुरक्षा और विश्वास जताने के महान पवित्र पर्व रक्षा बंधन की शुभकामनाएं देते हुए हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य डॉ0 सैय्यद जमाल एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ0 रत्नेश ठाकुर भट्ट ने कहा कि सभी पुरुषों को इस अवसर पर संकल्प लेना चाहिए कि वह किसी भी क़ीमत पर समाज में महिलाओं को असुरक्षित नही होने देंगे और उनकी इज़्ज़त, आबरू, सम्मान व गरिमा को ठेस पहुंचाने की मंशा रखने वाले तत्वों को सफल नहीँ होने देंगे। डॉ0 जमाल व डॉ0 रत्नेश ने कहा कि रक्षा बंधन केवल दो धागा नहीं अपितु अटूट भरोसे का प्रतीक है जिसे सदैव बनाये रखना चाहिए, कभी भी टूटने नहीँ देना चाहिए। डॉ0 जमाल ने कहा कि बहन, बेटियों व महिलाओं के सम्मान के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।

कृपया उपरोक्त मैटर को अपने समाचार पत्र में कवर करने का कष्ट करें।
सादर,
-डॉ0 सैय्यद जमाल
[08/08, 1:35 pm] DR. SAIYED JAMAL JI GORAKHAPUR: 9 अगस्त 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के उद्घोष "अंग्रेजों भारत छोड़ो" की 83वीं वर्षगाँठ के ऐतिहासिक अवसर की पूर्व संध्या पर स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं के सम्मान के प्रति अपने उद्गार व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य डॉ0 सैय्यद जमाल एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ0 रत्नेश ठाकुर भट्ट ने कहा कि गांधी जी के इस क्रांतिकारी एलान के बाद अंग्रेज़ सरकार ने रातोंरात कांग्रेस की अग्रिम पंक्ति सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया ताकि कोई भी नेता उस दिन इस अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने हेतु उपलब्ध न हो सके लेकिन अंग्रेज़ी सरकार का सपना धरा का धरा रह गया और स्वतंत्रता आंदोलन की वीरांगना महान नेता अरुणा आसफ अली ने अपने अदम्य साहस का लोहा मनवाते हुए 9 अगस्त 1942 को बॉम्बे (मुम्बई) के ग्रैंड ट्रंक मैदान में पहुंचकर कांग्रेस के तिरंगे झंडे को लहराकर "अंग्रेजों भारत छोड़ो" का नारा बुलंद करके ब्रिटिश साम्राज्य को कड़ी चुनौती प्रस्तुत की। डॉ0 जमाल व डॉ0 रत्नेश ने बताया कि उस दिन से पूरे भारत में आज़ादी की हवा की ऐसी लहर चली जिससे अंग्रेज़ सरकार के तख्त के पाए उखड़ गए और अंग्रेज़ो को अंततः 15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ाद घोषित करके एक महान दूरदर्शी नेता पंडित जवाहरलाल नेहरू को हिंदुस्तान की बागडोर सौंपनी पड़ी।

92
4740 views

Comment