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नगर पालिका परिषद कुशीनगर में भ्रष्टाचार का बोलबाला ईओ के विरुद्ध जाँच का आदेश

कुशीनगर। नगर पालिका परिषद कुशीनगर की अधिशासी अधिकारी अंकिता शुक्ला द्वारा सुनियोजित तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग कर गोलमाल किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। अधिशासी अधिकारी की कारस्तानी का खुलासा बीर अब्दुल हमीद नगर की सभासद मघुबाला त्रिपाठी ने की है। शासन ने इनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कुशीनगर को ईओ के खिलाफ बिन्दुवार जांचकर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

सूबे के नगर विकास मंत्रालय के अनुभाग 4 के उप सचिव मोहम्मद वासिफ ने 9 जुलाई - 2025 को जिलाधिकारी को भेजे गये पत्र संख्या-237एम / नौ-4-2025 मे सभासद मघुबाला त्रिपाठी के शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कुशीनगर नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी अंकिता शुक्ला के विरुद्ध बिन्दुवार जांच कराकर यथाशीघ्र शासन को रिपोर्ट भेजने के लिए निर्देशित किया है। यह बात दीगर है कि अब तक ईओ अंकिता शुक्ला इस गलतफहमी में है कि नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल सहित अन्य राजनीति पकड के कारण कोई उनका बाल-बाका नही कर सकता है। हालाकि सूत्रो का दावा यह भी है कि सभासद मघुबाला के आरोपों की निष्पक्षता से जांच कर दी गयी तो अधिकारी अधिकारी पर कार्रवाई होना तय है।


अधिशासी अधिकारी के खिलाफ नगर विकास मंत्री से की शिकायत

नगर पालिका परिषद कुशीनगर के बीर अब्दुल हमीद नगर मुहल्ले की सभासद मघुबाला त्रिपाठी द्वारा नगर विकास मंत्री को भेजे गये शिकायत पत्र में कहा गया है कि अधिशासी अधिकारी अंकिता शुक्ला,नगर पालिका परिषद के गठित बोर्ड की बैठक में बिना प्रस्ताव पारित कराये यूपी-57बीयू 2648 नम्बर की प्राइवेट महिन्द्रा स्कोपियो गाडी प्रयोग कर नगर पालिका परिषद से उस वाहन का पूरा खर्च व्यय कर रही है। इसके अलावा वाहन चालक का वेतन आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारी दिखाकर किया जा रहा है, जो न सिर्फ सरकारी धन का दुरुपयोग है बल्कि नगर पालिका परिषद पर ईओ द्वारा जानबुझकर अतिरिक्त व्ययभार डालते हुए सरकारी राजस्य की क्षति पहुंचाई जा रही है जबकि नियमानुसार वाहन व्यावसायिक परमिट युक्त होना चाहिए। इसी तरह अधिशासी अधिकारी द्वारा अपने आवास पर साफ सफाई व चुल्हा चौका करने के लिए अनैतिक रुप से दस से अधिक आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को नियुक्त कर अपने घर का कामकाज कराया जाता है और उन कर्मचारियों को नगर पालिका से वेतन आहरित किया जा रहा है। ईओ अंकिता शुक्ला के कार्यकाल मे अब तक विभिन्न वार्डों मे जितने भी आरओ प्लांट लगाये गये है वह सब दोयम दर्जे का घटिया किस्म का है जिसका भुगतान लगभग 12 से 13 लाख किया गया है जबकि बाजार मे इस तरह के आरओ प्लांट की कीमत 4 से 5 लाख रुपये है। इस तरह आरओ प्लांट मे लाखो रुपये का बंदरबांट कर सरकारी खजाना लूटा गया है।

घटिया निर्माण की शिकायत पर नही करती कोई कार्रवाई

नगर विकास मंत्री को भेजे गये अपनी शिकायती पत्र मे सभासद मघुबाला ने आगे कहा है कि ईओ अंकिता शुक्ला सभासदो के किसी शिकायत अथवा पत्र को गंभीरता से नही लेती है। वार्डों मे ठेकेदारो द्वारा कराये जा रहे घटिया नाली, सडक आदि निर्माण संबंधित शिकायत जब ईओ से की जाती है तो वह न तो मौके पर पहुचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखती है, न घटिया निर्माण कार्य को रोकती है, न जांच कराती है और ही ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है। यही वजह है कि ठेकेदारो के हौसले बुलंद है और खुलेआम नगर पालिका द्वारा निर्माण काराये जा रहे कार्यो मे धन का बंदरबांट कर सरकारी खजाने को लूटने की होड मची है।



ईओ के गैर जिम्मेदाराना के कारण नही बन रहा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

सभासद मघुबाला त्रिपाठी का आरोप है कि ईओ अंकिता शुक्ला की गैरजिम्मेराना रवैया के कारण नगर पालिका परिषद, कुशीनगर में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र समय नही बन रहे थे।महारजिस्ट्रार द्वारा निर्धारित प्रपत्रो को दरकिनार कर ईओ अनाधिकृत कागजो की मांग करते हुए आम जनमानस को परेशान करती है ताकि उन से धन उगाही हो सके। सभासद ने बताया कि उन्होने स्वयं इस सम्बंध में 17जनवरी-2025 को सूचना अधिकार अधिनियम के तहत ईओ से सूचना की मांग की थी परन्तु ईओ ने तीस दिन बाद उन्हे सूचना उपलब्ध नही कराया। इसके बाद वह अपर जिलाधिकारी के वहा अपील की, एडीएम के निर्देश के बाद 26 मार्च 2025 को आधा-अधूरा सूचना उपलब्ध करायी गयी।

अध्यक्ष और ईओ के मिलीभगत से होता है गोलमाल

जानकारो का कहना है कि नगर पालिका मे भ्रष्टाचार को बढावा देने व धन का बंदरबांट करने मे ईओ के साथ साथ अध्यक्ष की भूमिका भी बराबर की होती है। चूकि नगर पालिका परिषद कुशीनगर की अध्यक्ष किरन जायसवाल है किन्तु बिना किसी शासनादेश व प्राविधान के इन्होंने अपने पति राकेश जायसवाल को अध्यक्ष प्रतिनिधि घोषित कर रखा है जो बतौर अध्यक्ष नगर पालिका परिषद का सारा कार्य संपादित करते है। सूत्र बताते है कि नगर पालिका क्षेत्र मे नगर पालिका द्वारा अब तक जितने भी कार्य कराये गये है उसमे अध्यक्ष प्रतिनिधि और ईओ मिलकर ठेकेदारों से चालिस फीसदी कमीशन वसूलने के बाद ही भुगतान करते है। इस बात में कितनी है यह निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सूत्रो का दावा है कि नगर पालिका क्षेत्र मे विकास के नाम पर अध्यक्ष प्रतिनिधि व अधिशासी अधिकारी मिलकर सरकारी खजाना लूट रहे है जिनका जनहित में निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।

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