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(दानिश आलम फारुकी) नबी इस दुनिया के लिए रहमतुल आलामिन बनकर आए मौलाना मोहम्मद अकरम


मस्जिद उमर फारूक में इस्लाही मुआशरे का आठवां प्रोग्राम

नजीबाबाद। नगर की जमीयत ए उलेमा नजीबाबाद की ओर शहर की अलग अलग मस्जिदो में चल रहे से 10 रोजा. इस्लाही मुआशरा प्रोग्राम का आठवां प्रोग्राम मस्जिद उमर फारूक मोहल्ला मेहंदी बाग में आयोजित हुआ। प्रोग्राम का समापन मौलाना मोहम्मद अकरम की दुआ से हुआ।

बुद्ध को बाद नमाज ईशा मौहल्ला मेहंदी बाग में जमीयत ए उलेमा नजीबाबाद की ओर 10 रोजा. इस्लाही मुआशरा प्रोग्राम का प्रोग्राम मस्जिद उमर फारूक में कारी मोहम्मद इकरार की देखरेख में आयोजित हुआ। प्रोग्राम को मौलाना मोहम्मद अकरम ने

खिताब करते हुए बताया कि मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इस दुनिया के लिए रहमतुल अलामिन बनकर आए अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नतों पर चलकर हम इस दुनिया में भी और आखिरत में भी कामयाब हो सकते हैं नबी की सुन्नत हमें अच्छे अखलाक और अमानतदारी का सबक देती है मेरे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की अमानतदारी का यह आलम था कि मक्का वालों ने आपका नाम सादिक और अमीन रख दिया था प्रोग्राम का इखतेताम भी मौलाना की दुआ पर हुआ।

इस मौके पर मोहम्मद अनीस अख्तर फारुकी, कारी मोहम्मद फहीम, मास्टर दानिश आलम फारूकी, मौलाना इम्तियाज, हाजी याकूब, और बड़ी संख्या में मौहल्ले के लोग मौजूद रहे। प्रोग्राम की सदारत शहर सदर मौलाना असलम कासमी ने और निजामत कारी मोहम्मद तसलीम ने की।

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