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महापुरुषों-संतों के नाम पर नफरत की राजनीति पर लगे रोक, कानून में बदलाव की जरूरत — रेंशी श्याम गुप्ता

रायगढ़ / नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के संस्थापक रेंशी श्याम गुप्ता ने कहा कि आज देश में सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि हमारे महान महापुरुषों, साधु-संतों और समाज सुधारकों के नाम पर कुछ लोग नफरत और अलगाववाद की राजनीति कर रहे हैं। जिन महापुरुषों ने अपना पूरा जीवन मानवता, समानता, और भाईचारे के लिए समर्पित कर दिया, उन्हीं के नाम से समाज में वैमनस्य फैलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

गुप्ता ने कहा कि ऐसे लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और इसके लिए कानून में बदलाव की सख्त जरूरत है। देश के संविधान में प्रत्येक नागरिक को समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता का अधिकार दिया गया है, परंतु जब कोई व्यक्ति या संगठन इन सिद्धांतों का दुरुपयोग कर समाज को तोड़ने का प्रयास करता है, तो यह राष्ट्रहित के खिलाफ माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, कबीरदास, गुरु नानक देव, तुलसीदास, रामकृष्ण परमहंस जैसे महापुरुषों ने सदैव समाज को एकता और प्रेम का संदेश दिया। इसलिए, उनके नाम पर राजनीति करना, जाति और वर्ग के आधार पर विभाजन फैलाना, न केवल उनकी शिक्षाओं का अपमान है बल्कि भारतीय संस्कृति और संविधान के मूल्यों पर आघात है।

रेंशी श्याम गुप्ता ने समाज से आह्वान किया कि सभी धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और मानवता की एकता को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि “जो लोग नफरत फैलाते हैं, उन्हें सजा नहीं, बल्कि कानून की सच्चाई से परिचित कराया जाना चाहिए ताकि भारत एक मजबूत, समरस और सर्वसमावेशी राष्ट्र बन सके।”

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