logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

“मुरैना बिजलीघर में मीटर लगाने वाले कर्मचारियों का फूटा ग़ुस्सा — बोले: धमकियों, देरी से वेतन और बिना सुरक्षा के अब काम नहीं करेंगे!”

ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ — मुरैना से बड़ी खबर

“मुरैना बिजलीघर में मीटर लगाने वाले कर्मचारियों का फूटा ग़ुस्सा — बोले: धमकियों, देरी से वेतन और बिना सुरक्षा के अब काम नहीं करेंगे!”

सम्वाददाता: पवन माथुर, मुरैना (म.प्र.)

मुरैना बिजलीघर के अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रही कंपनी एस्यासॉफ्ट में काम कर रहे कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। कर्मचारियों का कहना है कि डिवीजन इंचार्ज तौसीफ अहमद और सर्किल इंचार्ज सुरेश चंद्रा लगातार फील्ड में काम करने वाले लड़कों पर दबाव और धमकियाँ दे रहे हैं —

“काम करो तो करो, नहीं करना है तो नौकरी छोड़ दो।”


---

कर्मचारियों का आरोप — 3 से 4 महीने से पेट्रोल का पैसा बकाया, वेतन भी महीनों की देरी से

स्मार्ट मीटर लगाने वाले युवा कर्मचारी रोजाना अपनी जेब से पेट्रोल डालकर दूर-दूर क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। कई ने बताया कि—

3–4 महीनों से पेट्रोल का भुगतान नहीं किया गया।

वेतन हर महीने एक महीने की देरी से मिलता है।

फील्ड में भीड़ में काम करते समय उन्हें गालियाँ सुननी पड़ती हैं।

कई बार बिजली के झटके लग चुके हैं, लेकिन कोई सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई गई।


कर्मचारियों का कहना है—
“हम जान जोखिम में डालकर मीटर लगाते हैं, लेकिन कंपनी और अधिकारी सिर्फ धमकी देते हैं।”


---

सुरक्षात्मक सामग्री तक उपलब्ध नहीं — कोई हेलमेट, दस्ताने, जूते, सुरक्षा उपकरण नहीं

कर्मचारियों ने कहा कि मुरैना बिजलीघर क्षेत्र में घर-घर मीटर लगाने के दौरान तारों का दबाव, भीड़भाड़ और अनियंत्रित स्थितियाँ लगातार जोखिम पैदा करती हैं। इसके बावजूद—

“सुरक्षा के नाम पर एक भी सामान उपलब्ध नहीं कराया गया।”


---

अब कर्मचारियों का अल्टीमेटम — “स्थिति न सुधरी तो कलेक्टर कार्यालय पर धरना देंगे”

मुरैना में काम कर रहे कर्मचारियों ने एकमत होकर कहा—

“अगर हमारी समस्याएँ नहीं सुलझीं तो हम सभी मिलकर मुरैना कलेक्टर के कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना देंगे और ज्ञापन सौंपेंगे।”

उनकी प्रमुख माँगें—

समय पर वेतन

बकाया पेट्रोल भुगतान

सभी कर्मचारियों को सुरक्षा किट

धमकी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई

कर्मचारियों की शिकायतें सुनने के लिए पारदर्शी व्यवस्था



---

कर्मचारियों की पीड़ा — “धमकियाँ मिल रही हैं, काम करें तो कैसे करें?”

फील्ड में काम कर रहे युवाओं ने बताया कि हालात इतने खराब हैं कि अब वे दहशत में काम कर रहे हैं।

उनका कहना है—

“हम काम भी करें, धमकियाँ भी झेलें, और वेतन भी समय पर न मिले—हम आखिर जाएँ कहाँ?”


---

बड़ी खबर: मुरैना में स्मार्ट मीटर कार्य रुकने का खतरा

कर्मचारियों के विरोध के कारण मुरैना बिजलीघर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर स्थापना कार्य पर असर पड़ सकता है।
यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संभव है कि—

“कर्मचारी कार्य बंद कर बड़ा आंदोलन कर दें।”


---

अगर चाहें तो मैं इस खबर का वीडियो न्यूज़ स्क्रिप्ट, स्क्रॉलिंग ब्रेकिंग न्यूज़, या सोशल मीडिया पोस्ट ग्राफ़िक टेक्स्ट भी तैयार कर दूँ।

36
1415 views

Comment