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इटावा ज़िला, महेवा ब्लॉक के ग्राम अहेरीपुर में झोलाछाप डॉक्टरों

*इटावा ज़िला, महेवा ब्लॉक के ग्राम अहेरीपुर में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही ने फिर एक मासूम की ज़िंदगी को खतरे में डाल दिया!*

गांव के 9 वर्षीय बच्चा अद्विक के इलाज में घोर लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार अद्विक के पैर में गंभीर सेप्टिक बन गया, जिसकी शुरुआत गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से हुई।

परिजनों ने बताया कि जब बच्चे के चेहरे और शरीर पर अचानक सूजन आने लगी, तब वे घबराकर आनन-फानन में अजीतमल अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को गंभीर सेप्टिक बताते हुए तुरंत इलाज शुरू किया।

*सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब परिजनों ने गांव के झोलाछाप डॉक्टर से इस लापरवाही के बारे में सवाल किया, तो उसने बेशर्मी से कहा—*

* *“आप बाहर दिखा लो, जितना खर्चा होगा, मैं देने को तैयार हूँ।”*

गांव के लोगों का कहना है कि ऐसे बिना डिग्री और बिना लाइसेंस चलने वाले झोलाछाप डॉक्टर बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
सवाल यह है कि—

❗आखिर ऐसे खतरनाक झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई कब होगी?

❗कब तक मासूमों की जान ऐसे गलत इलाज की भेंट चढ़ती रहेगी?

ग्रामवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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