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राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया जी ने संसद में शून्यकाल के दौरान आचार्य विद्यासागर जी महाराज के नाम पर ट्रेन का नाम रखने का प्रस्ताव दिया।

नई दिल्ली। राज्यसभा के चल रहे सत्र में मंगलवार को राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने भारतीय रेल की नव-संचालित जबलपुर–रायपुर एक्सप्रेस इंटरसिटी (11720) ट्रेन के नामकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान इस दिशा में आकृष्ट करते हुए कहा कि देश की आध्यात्मिक धरोहर और सामाजिक परिवर्तन में अपना अमूल्य योगदान देने वाले जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज के नाम पर इस ट्रेन का नाम रखा जाना चाहिए।

माया नारोलिया ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अपने 58 वर्षों के दीक्षा जीवन में शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, गौ-सेवा और अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। उनके मार्गदर्शन में स्थापित 150 से अधिक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाएँ आज लाखों विद्यार्थियों और परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

उन्होंने बताया कि आचार्यश्री का आध्यात्मिक प्रभाव केवल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और कर्नाटक सहित अनेक राज्यों में उन्होंने करुणा और संयम का संदेश प्रचारित किया। प्रधानमंत्री, पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री सहित कई शीर्ष नेताओं ने भी समय-समय पर उनके मार्गदर्शन की सराहना की है।

सांसद नारोलिया ने सदन में स्पष्ट रूप से कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं तथा विभिन्न सामाजिक–धार्मिक संगठनों की यह लंबे समय से माँग है कि जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी ट्रेन का नाम “आचार्य विद्यासागर इंटरसिटी ट्रेन” या “मूकमाटी इंटरसिटी ट्रेन” रखा जाए, ताकि राष्ट्रसेवा और सदाचार के प्रतीक आचार्यश्री को उचित राष्ट्रीय श्रद्धांजलि दी जा सके।

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