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दरभंगा के कथावाचक श्रवण दास पर नाबालिग से यौन शोषण का आरोप, शादी का झांसा और फर्जी विवाह का दावा

दरभंगा (बिहार) का रहने वाला कथावाचक श्रवण दास
नाम से "भक्त", काम से "भक्षक"—ऐसा आरोप है।
आरोप इतने गंभीर हैं कि किसी की भी रूह काँप जाए।

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✔ आरोप क्या हैं?

पीड़िता के अनुसार—

कथावाचक श्रवण दास ने उसे शादी का झांसा दिया।

मंदिर में फर्जी विवाह करवाने का नाटक किया।

फिर उसी ‘शादी’ का हवाला देकर शारीरिक संबंध बनाए।

बाद में लड़की गर्भवती हुई तो गर्भपात करवाने का दबाव बनाया।

और जब लड़की ने विरोध किया तो बोला—
“तुम अभी 17 साल की हो, मेरी सेवा करो… तुम्हें पुण्य मिलेगा।”

धर्म का चोला ओढ़े एक आदमी का यह चेहरा
किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्म का विषय है।

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✔ शिकायत करने पर क्या हुआ?

लड़की को जब चारों तरफ से निराशा मिली,
कोई उसकी बात नहीं सुन रहा था,
तब जाकर उसने थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

और अब सबसे चौंकाने वाली बात—
आरोपी कथावाचक का गुरु,
मिथिला के प्रसिद्ध पचाढ़ी के महंत रामउदित दास उर्फ मौनी बाबा,
खुलेआम अपने शिष्य के समर्थन में उतर आए हैं।

यानी गुरु और चेला,
दोनों की विचारधारा…
एक ही दिशा में बहती दिख रही है।
क्या यह सिर्फ संयोग है?
शायद नहीं।

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✔ समाज के लिए बड़ा प्रश्न

जब धर्म की आड़ में पाप किया जाए
और जब गुरु स्वयं पापी शिष्य का कवच बन जाए—
तो यह सिर्फ एक घटना नहीं,
एक सामाजिक संकट बन जाता है।

आस्था का संतुलन वहीं टूटता है
जहाँ प्रवचन करने वाला पवित्रता छोड़कर
अँधेरों में खेलने लगता है।

श्रवण दास पर लगे आरोप
सिर्फ कानून का मामला नहीं हैं,
यह उस व्यवस्था पर भी सवाल है
जो साधु-संत के चोले को सत्ता का कवच बना देती है।

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✔ निष्कर्ष

यह कहानी उन तमाम लड़कियों की आवाज है
जिनके साथ ‘धर्म’, ‘कथा’, ‘भक्ति’ और ‘संगत’ के नाम पर
अन्याय होता है और वे चुप रहती हैं।

आज एक लड़की ने हिम्मत दिखाई—
उसकी आवाज दबनी नहीं चाहिए,
बल्कि यह चेतावनी बननी चाहिए
कि धर्म का आसन पाने वाला हर व्यक्ति संत नहीं होता।

नोट:- आरोपों की पुष्टि Ghoghardiha Times -घोघरडीहा टाइम्स ख़बर बिहार नही करता ये जांच का विषय है

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