logo

साकली के हजरत कुतुब सजनशाह वली रहमतुल्ला अलै का उर्स बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

साकली दिनांक १५/१२/२०२५
(प्रतिनिधि आरिफ खान)

हिंदू मुस्लिम भाईचारा, एकता का प्रतीक और सैकड़ो सालों की शानदार परंपरा रखने वाला यावल तहसील के साकली गांव के हजरत कुतुब सज्जन शाह वली रहमतुल्लाह अलै का ७६१ वा उर्स सोमवार दिनांक १५/१२/२०२५ को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया इस पवित्र उर्स मनाने के लिए ना सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य के भाविक हर साल बड़ी संख्या में साकली आते हैं और अपने मन् की मुरादे पाते हैं यह उर्स सिर्फ एक् धार्मिक उत्सव नहीं है बल्कि हिंदू मुस्लिम एकता और सैकड़ो सालों की शानदार परंपरा का प्रतीक है आज भी सैय्य्द मीरा इनके वंशज सैय्य्द अहमद (मेंबर) इनके घर से दरगाह पर चादर पेश की जाती है हजरत कुतुब सज्जन शाह रहमतुल्लाह अलै का असली नाम शाह अब्दुल लतीफ रहमतुल्लाह अलै था आप ख्वाजा गरीब नवाज (अजमेरी) रहमतुल्लाह अलै के दौर के बुजुर्ग है बाबा की दरगाह इस तरह बनाई गई है कि वह चारों ओर से एक जैसी दिखाई पड़ती है दिनांक १६/१२/२०२५ मंगलवार को कव्वाली का शानदार मुकाबला साकली ग्राम पंचायत के माजी उपसरपंच वसीम खान हाजी आसिफ खान माज़ी साकली ग्राम पंचायत सदस्य सैय्यद अशफाक सैय्यद शौकत और उनके साथियों ने मिलकर आयोजित किया है इस कव्वाली के मुकाबले में दिल्ली के मशहूर कव्वाल नौशाद अली खान (ख्वाजा जी तोरि शादी में मौला अली आए...... फेम् ) और कानपुर की शिभा परवीन आमने-सामने होंगे आयोजको ने इस संगीत की महफिल में ज्यादा से ज्यादा श्रोताओं को आने का आवाहन किया है मुकाबला दरगाह के सामने वाले मैदान में रात् १० बजे आयोजित किया गया है दरगाह के मुजावर के रूप में सैय्यद अरमान बाबा और सैय्यद निसार बाबा अपनी जिम्मेदारी बड़ी शानदार तरीके से निभा रहे हैं दरगाह में होने वाले सभि धार्मिक विधिया उन्हि की देखरेख में की जाती है

29
694 views