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लीगल एड डिफेंस काउंसिलस, बरेली न्याय सबके लिए....

न्याय आपके द्वार': 6 महीने में 260 बंदियों को मिली कानूनी आज़ादी! LADC टीम ने दिलाया मुफ्त न्याय
LADC: न्याय की नई किरण
“ उत्तर प्रदेश में कानूनी सहायता रक्षा परामर्श (Legal Aid Defense Counsel - LADC) योजना ने मई 2024 में अपने ऑपरेशन की शुरुआत के बाद से, गरीब और ज़रूरतमंद बंदियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। इस टीम ने लगभग 750 बंदियों को कानूनी सहायता प्रदान करते हुए उनकी रिहाई सुनिश्चित की है। यह आंकड़ा गरीब और वंचितों को निःशुल्क कानूनी सहायता (Free Legal Aid) प्रदान करने की LADC की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नेतृत्व और टीम की सक्रियता
LADC के कुशल संचालन का श्रेय मुख्य रूप से इसकी समर्पित टीम को जाता है:
• चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (Chief LADC): श्री बालेश कुमार मिश्रा
• डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (Deputy Chief LADC): श्री राम दत्त
• असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल (Assistant LADC): श्री सैयद समीर अहमद और सुश्री नेहा
यह टीम नियमित रूप से सक्रिय रहती है और हर हफ़्ते जेलों का निरीक्षण करती है। निरीक्षण के दौरान, टीम बंदियों से उनकी समस्याओं को सीधे सुनती है और उन्हें मौके पर ही निःशुल्क विधिक सहायता (Legal Assistance) प्रदान करती है, जिससे उनके मामलों में जल्द से जल्द प्रगति हो सके।
बड़े और छोटे, हर मामले में सहायता
LADC द्वारा संभाले जा रहे मामलों की रेंज काफी विस्तृत और महत्वपूर्ण है। इसमें गंभीर अपराधों जैसे:
• पॉक्सो (POCSO)
• गैंगस्टर अधिनियम (Gangster Act)
• हत्या (धारा 302)
• हत्या का प्रयास (धारा 307)
जैसे संगीन मामले शामिल हैं। इसके साथ ही, मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे चोरी, लूट और अन्य छोटे-मोटे आपराधिक मामलों में भी LADC द्वारा प्रभावी रूप से पैरवी की जा रही है और उनके निपटारे (Nistaran) को सुनिश्चित किया जा रहा है।
चीफ LADC श्री बालेश कुमार मिश्रा ने कहा, "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी नागरिक, पैसे की कमी के कारण न्याय से वंचित न रहे। यह 750 बंदियों की रिहाई मात्र एक शुरुआत है। हम न्याय के इस प्रकाश को हर ज़रूरतमंद तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
LADC की यह पहल, न्याय तक पहुँच (Access to Justice) को लोकतांत्रिक और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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