
पालक-चिकन करी खाने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, जानें ये चीजें क्यों बढ़ाती हैं फूड पॉइजनिंग का खतरा
ओडिशा के ढेंकनाल जिले से फूड पॉइजनिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की चिकन करी, चावल और पालक खाने के बाद मौत हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ितों ने अपने घर पर खाना खाने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद उन्हें अंगुल डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर हॉस्पिटल (DHH) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.
माना जा रहा है कि मौत की वजह फूड पॉइजनिंग है, और मामले की जांच चल रही है.
अगर सच में फूड पॉइजनिंग मौत की वजह है, तो इस दुखद खबर ने एक बार फिर एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या की ओर ध्यान खींचा है.
बता दें कि चिकन और पालक दोनों ही पौष्टिक भोजन हैं, लेकिन अगर उन्हें ठीक से साफ नहीं किया जाएं, ठीक से पकाया और रखा न किया जाए, तो ये जहरीला और जानलेवा हो सकते हैं.
इस खबर के माध्यम से जानें कि किन वजहों से इन खाद्य पदार्थों से फूड पॉइजनिंग हो सकता है और पोषण विशेषज्ञ का क्या कहना है?
फूड पॉइजनिंग क्या है?
फूड पॉइजनिंग एक तरह की फूडबोर्न बीमारी है, जो कुछ खाने या पीने से होती है. यह खाने या पीने की चीजों में मौजूद कीटाणुओं या दूसरे नुकसानदायक चीजों से होती है. फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में अक्सर पेट खराब होना, दस्त और उल्टी शामिल हैं.
लक्षण आमतौर पर दूषित खाना खाने के कुछ घंटों या दिनों के अंदर शुरू हो जाते हैं.
ज्यादातर लोगों को फूड पॉइजनिंग से हल्की बीमारी होती है और वे बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं.
हालांकि, कभी-कभी फूड पॉइजनिंग से गंभीर बीमारी या दिक्कतें हो सकती हैं.
बहुत से लोग अक्सर फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह जानलेवा हो सकती है.
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रेनुका माइनदे ने बताया है कि पालक और चिकन से फूड पॉइजनिंग का खतरा कैसे बढ़ सकता है और इससे बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए.