
मोबाइल से उपस्थिति का ब्याख्याता संघ ने किया विरोध
प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल ऐप के माध्यम से लेने के स्कूल शिक्षा विभाग के फैसले का छत्तीसगढ़ ब्याख्याता संघ ने विरोध किया है।संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा प्रवक्ता जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि विभाग की ओर से शिक्षकों के निजी मोबाइल पर शासकीय एप दबाव पूर्वक डाऊनलोड करवाया जा रहा है इससे शिक्षकों के निजता का हनन होगा। वही शिक्षकों के निष्ठा पर भी सवाल उठाने जैसा है।वर्तमान में शिक्षकों के द्वारा दर्जन भर से ज्यादा मोबाइल एप जिसमें एम डी एम, निष्ठा, दीक्षा,टी बी सी,सी जी स्कूल, राज्य छात्रवृत्ति, इंस्पायर एवार्ड
जादूई पिटारा,यू डाइज,दीक्षा अपार आई डी, दर्पण पोर्टल में शालाओ के भौतिक संसाधन का अपडेशन, स्कूल रेडिनेश, ऑनलाइन व ऑफलाइन मासिक चर्चा -पत्र पर कार्य, मध्यान्ह भोजन चाँवल मासिक,प्रतिदिन लाभान्वित विद्यार्थियों की ऑनलाइन एंट्री का कार्य सहित अन्य डाऊनलोड कराया गया है और कई बार शिक्षक धोखाधड़ी के शिकार भी हुए हैं।वर्तमान में साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच निजी मोबाइल फोन में इस तरह के ऐप को डाउनलोड कराना शिक्षकों की गोपनीयता के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। संघ का विरोध ऑनलाइन अटेंडेंस से नहीं है और न ही वे निगरानी से डरते हैं, लेकिन अपने निजी मोबाइल में सरकारी ऐप डाउनलोड करने के खिलाफ हैं। यदि सरकार ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू करना चाहती है, तो शिक्षकों को सरकारी मोबाइल या टैबलेट उपलब्ध कराए या विद्यालय मे बायोमीट्रिक मशीन लगाई जाए सरकार के तुगलकी फरमान का संघ ने कड़ा विरोध किया है।सरकार के पास पुख्ता निगरानी तंत्र है उसका उपयोग करे न कि कर्मचारियों के निजता पर प्रहार करे। सर्वर डाउन रहने, तथा अन्य तकनीकी खराबी से यदि उपस्थिति दर्ज नहीं हुई तो विद्यालय में उपस्थित होने के बाद भी शिक्षक अनुपस्थित दिखेगा।संघ ने कहा है कि यदि सरकार ने वीएसके ऐप के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस के अव्यवहारिक आदेश को वापस नहीं लिया तो इस निर्णय का विरोध राज्य स्तर पर समस्त शिक्षक संगठनों के साथ के साथ सामूहिक रूप से किया जायेगा|