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लालगढ़ सैन्य स्टेशन से सटी 525 बीघा जमीन पर बनेगा एयरबेस, पाक सीमा पर एयर ऑपरेशनल पावर तीन गुना होगी

लालगढ़ सैन्य स्टेशन से सटी 525 बीघा जमीन पर बनेगा एयरबेस, पाक सीमा पर एयर ऑपरेशनल पावर तीन गुना होगी
Note : सुरक्षा की दृष्टि से फोटो में दिया गया यह मैप पूरी तरह से गलत तरीके से तैयार किया गया है।
श्रीगंगानगर। लालगढ़ सैन्य स्टेशन से सटी 525 बीघा भूमि पर प्रस्तावित एयरबेस का निर्माण सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इस एयरबेस के बन जाने से पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुसेना की निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में एयर ऑपरेशनल गतिविधियां लगभग तीन गुना तक बढ़ेंगी, जिससे पाकिस्तान सीमा पर किसी भी चुनौती का तुरंत और प्रभावी जवाब देना संभव होगा।

यह एयरबेस राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में वायुसेना की रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करेगा। लालगढ़ सैन्य स्टेशन के पास बनने वाले इस बेस से रेकी, सर्विलांस, एयर पेट्रोलिंग और आपातकालीन अभियानों को तेज गति मिलेगी। सामरिक दृष्टि से यह क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में एयरबेस का निर्माण सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम होगा।

इस परियोजना को लेकर किसानों की ओर से दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 59 किसानों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं, जबकि 162 किसानों को मुआवजे के रूप में लगभग 22 करोड़ रुपये की राशि दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले भूमि अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

प्रस्तावित एयरबेस के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन का उपयोग पूरी तरह रक्षा जरूरतों के लिए किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस एयरबेस के चालू होने के बाद न केवल राजस्थान बल्कि पूरे पश्चिमी सेक्टर की हवाई सुरक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। इससे सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा के साथ-साथ रणनीतिक संतुलन भी बेहतर होगा।

कुल मिलाकर, लालगढ़ सैन्य स्टेशन के पास बनने वाला यह एयरबेस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा असर सीमा सुरक्षा, वायुसेना की ताकत और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा।

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