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लखनऊ निपुण भारत अभियान की धुरी बन रहे एडुस्टफ के स्वतः स्फूर्त शिक्षक

राज्य स्तरीय बेसिक शिक्षा के स्वप्रेरित शिक्षक समूह एडुस्टफ के तत्वाधान में पंचम शिक्षक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित समाज कार्य विभाग के राधा कमल मुखर्जी सभागार में भव्य समारोह के साथ आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ,समूह की संस्थापिका राज्य शिक्षक पुरस्कार,मिशन शक्ति समेत अनेक पुरस्कारों से सम्मानित प्रीति श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत कर आज की संगोष्ठी अन्विता पर प्रकाश डालते हुए समूह द्वारा किये जा रहे शैक्षिक प्रयासों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉक्टर प्रदीप कुमार सिंह जी ने अपने 30 वर्षों के शैक्षिक प्रशासक के रूप में शिक्षकों से मिले सहयोग एवं धरातल पर शिक्षकों के द्वारा किए जा रहे बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार से एक समूह के रूप में एक ही धेय्य और एक लक्ष्य के साथ काम करने वाले शिक्षकों का जुटान एक स्थान पर होना सरकारी योजनाओं से हटकर शिक्षक क्या सोचता है विद्यालय के बारे में शिक्षा के क्षेत्र में कौन सा बदलाव वह स्वयं आगे बढ़कर कर रहा इसका यह समूह अनुपम उदाहरण है। उन्होंने समूह की संस्थापिका प्रीति श्रीवास्तव को इस नेक कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि समाज में शिक्षा की लौ जलाने का काम आप जैसे लोगों के द्वारा ही निरंतर की जा रही है और प्राचीन काल से गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति भी शिक्षक को सर्वोपरि रखते हुए समाज का निर्माता मानती थी।
विशिष्ट अतिथि विभागाध्यक्ष समाज कार्य विभाग एवम प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश द्विवेदी ने शिक्षकों के कार्यों पर समाजशास्त्रीय प्रभाव पर विस्तार से अपनी बात रखी, प्रबंध संकाय के प्रोफेसर संजय मेधावी जी ने तकनीकी को आत्मसात कर शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की रूपरेखा खींची आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मानव जीवन में बढ़ते प्रभाव पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि AI गणना तो कर सकता है लेकिन चिंतन आपको ही करना होगा।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर जी ने शिक्षकों को उत्साहित करते हुए कहा कि आज के दौर में शिक्षक की गरिमा एवं उसका प्रभाव दोनों पर संकट के बादल आसन्न है हम सबको अपने कार्यों के द्वारा अपने आचरण के द्वारा एवं वैचारिक रूप से सर्वदा समाज एवं बच्चों के हित चिंतन कर जनमानस को बेसिक शिक्षा से जोड़ना है, कोई भी संगठन अपना अस्तित्व तभी लम्बे समय तक बचा पाता है जब उसके नेतृत्व करने वाले स्वयं आदर्श प्रतिमान गढ़ते हैं।
समूह की संस्थापिका श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए समूह के कार्यों पर प्रकाश डाला एवं अतिथियों द्वारा इस अवसर पर समूह के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया प्रदेश के 18 मंडल से जुटे हुए शिक्षकों को उनके कार्यों एवं विद्यालय की उपलब्धियां के लिए प्रमाण पत्र अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित एवं विविध मंचों पर पुरस्कृत शिक्षकों शिक्षकों का एकत्रीकरण आज के संगोष्ठी का प्रमुख आकर्षण था इस अवसर पर एडुस्टफ़ समूह से जुड़ी रायबरेली की शिक्षिकाओं द्वारा निपुण भारत मिशन थीम पर शानदार रंगोली और सेल्फी प्वाइंट। सरस्वती वंदना एवं सीतापुर जनपद द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया, धन्यवाद ज्ञापन सीतापुर के एसआरजी एवं कोर टीम मेंबर श्री मदनेश मिश्रा ने किया कार्यक्रम का संचालन श्री धीरज सिंह एवं रेनू सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

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