मेरा देश बदल रहा है एक कविता
मेरा देश बदललगता है कुछ कुछ नहींसब कुछ बदल रहा हैजब बच्चे थे तो पढ़ते थे हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में हम भाई भाईपर अब देख कर लगता हैपढ़ाई बदल रही है मेरा देश बदल रहा हैपहले नेता गलती करता थातो जनता आगे बढ़ती थी और सत्ता उससे डरती थीपर अब जनता नेता से डरती हैमेरा देश बदल रहा हैपहले पापी बलात्कारी पकड़े जाते थेतो जनता जय जय कर करती थीअब पापी शोर मचाता हैअपना जोर दिखाता है जनता को डरता है मेरा देश बदल रहा हैमेरा देश बदल रहा है