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महाराष्ट्र महापालिका चुनाव: 31 दिसंबर 2025 की महाराष्ट्र से नामांकन की अंतिम घड़ी में हलचल, बगावत और समर्थन की राजनीति मुख्य खबरे:




**मुंबई/पुणे, 31 दिसंबर 2025:** महाराष्ट्र में महापालिका चुनावों के नामांकन की अंतिम समय सीमा आज समाप्त हो गई। प्राप्त आवेदनों की छाननी आज ही होगी, जिसमें कई उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने की आशंका है। गलतियां और देरी के कारण उम्मीदवारी पर संकट मंडरा रहा है, जबकि राजनीतिक दलों में बगावत रोकने की कवायद तेज हो गई है।

भाजपा उम्मीदवार की पसंदीदा चूक
मुंबई नगर निगम के वार्ड नंबर 212 से भाजपा की महिला उम्मीदवार मंदाकिनी खामकर महज 15 मिनट की देरी के कारण नामांकन भरने से वंचित रह गईं। उनके पास पार्टी का 'एबी फॉर्म' मौजूद था, फिर भी यह चूक पार्टी के लिए झटका साबित हुई। स्थानीय नेताओं ने इसे तकनीकी खामी बताते हुए ऊपर से हस्तक्षेप की मांग की है।

अपराधी का नामांकन: पुलिस सुरक्षा में दाखिल
छत्रपती संभाजीनगर में हत्या के मुख्य आरोपी सैयद मुजीम उर्फ मुजीब ने वार्ड नंबर 4 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। पुलिस सुरक्षा और हथकड़ी पहने हुए उन्होंने यह कदम उठाया, जो चुनावी माहौल में विवादास्पद रहा। छाननी में इसकी वैधता पर सवाल उठ सकते हैं।

कांग्रेस की सूची में सस्पेंस
कांग्रेस ने मुंबई महापालिका के लिए पहले 87 और फिर 52 उम्मीदवारों की सूची जारी की, लेकिन शेष 26 सीटों पर नामों का ऐलान अभी तक नहीं हुआ। इस भ्रम ने पार्टी कार्यकर्ताओं में असमंजस पैदा कर दिया है। अंतिम समय में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।

महाविकास आघाडी को बूस्टर
राजू शेट्टी की 'स्वाभिमानी शेतकरी संगठन' ने महाविकास आघाडी (शिवसेना ठाकरे गुट, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस) को खुला समर्थन देने की घोषणा की। इसे विपक्ष के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

भीमा कोरेगाव में कड़ी सुरक्षा
1 जनवरी को भीमा कोरेगाव विजयस्तंभ अभिवादन कार्यक्रम के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। ड्रोन, सीसीटीवी और वॉच टावर से निगरानी होगी, ताकि शांति भंग न हो। लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

कैबिनेट की अंतिम बैठक और बगावत पर ब्रेक
आज 2025 की अंतिम कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है। इसी बीच, प्रमुख दलों के नेता बागी कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे हैं, जिन्होंने आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन भरा है।

राज्य भर में इन चुनावी हलचलों के बीच नए साल 2026 का स्वागत जोरों पर है। उम्मीद है कि छाननी के बाद स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।


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